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Rishikesh News: सेना दिवस और मकर संक्रांति पर हुआ अभिषेक
Fri, 16 Jan 2026 02:09 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 16 Jan 2026 02:09 AM IST
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सेना दिवस और मकर संक्रांति पर पूजा अर्चना करते स्वामी चिदानंद सरस्वती और ऋषि कुमार। स्रोत परमा
परमार्थ निकेतन में 78वां सेना दिवस और मकर संक्रांति पर वेद मंत्रोच्चार, विशेष पूजा अर्चना, शिवाभिषेक और विश्व शांति प्रार्थना का आयोजन किया गया।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों, पुरोहितों और देश विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भारत माता की सुख-समृद्धि, सीमाओं की सुरक्षा और विश्व कल्याण के लिए विशेष पूजा, प्रार्थना और अभिषेक किया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय सेना केवल हमारी सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि वह भारत की आत्मा, अस्मिता और स्वाभिमान की प्रहरी है। हमारे वीर सैनिक वेतन के लिए नहीं, वतन के लिए जीते हैं। उनका जीवन त्याग, तप और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल है। मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर और आत्म केंद्रित जीवन से राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित जीवन की ओर अग्रसर होने का संदेश देता है।
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परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों, पुरोहितों और देश विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भारत माता की सुख-समृद्धि, सीमाओं की सुरक्षा और विश्व कल्याण के लिए विशेष पूजा, प्रार्थना और अभिषेक किया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय सेना केवल हमारी सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि वह भारत की आत्मा, अस्मिता और स्वाभिमान की प्रहरी है। हमारे वीर सैनिक वेतन के लिए नहीं, वतन के लिए जीते हैं। उनका जीवन त्याग, तप और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल है। मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर और आत्म केंद्रित जीवन से राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित जीवन की ओर अग्रसर होने का संदेश देता है।
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