{"_id":"5c2fc691bdec22571d7e0819","slug":"41546634897-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीज की सेवा को बनाएं ध्येय : डॉ. रविकांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीज की सेवा को बनाएं ध्येय : डॉ. रविकांत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में आयोजित एमबीबीएस के वर्ष 2014 बैच के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप ओरिएंटेशन कोर्स के तहत अस्पताल में उनकी भूमिका, जिम्मेदारी, रोग की पहचान, सही उपचार, इंटरनेशनल पेसेंट सेफ्टी गोल्स, सर्जरी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और रोगी की सुरक्षा संबंधी जानकारियां दी गई। सप्ताहव्यापी स्किल ट्रेनिंग के तीसरे दिन एम्स निदेशक रवि कांत ने कहा कि इंटर्न को मरीजों की सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल पॉलिसी की अनिवार्य रूप से जानकारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक का ध्येय धन अर्जित करने की बजाए मरीज की सेवा होनी चाहिए। दिन-रात की ड्यूटी के कारण रोगियों से चिकित्सक को तनावग्रस्त नहीं हो, इसके लिए उन्हें रोगी की सेवा के साथ निजी सुरक्षा का ख्याल भी रखना चाहिए। प्रोफेसर बीना रवि ने अस्पताल में इंटर्न की भूमिका और जिम्मेदारी के बारे में बताया। प्रो.शालिनी राव ने मरीज की सुरक्षा के लिए रखी जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया।
डॉ. पुनीत धमीजा ने सही तरीके से रोग की पहचान, दवा और उसकी सही मात्रा के बारे में जानकारी दी वहीं डॉ. फरहान उल हुदा ने विद्यार्थियों को सर्जरी के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानी, रोगी की संपूर्ण जानकारी जुटाने के बाद ही सर्जरी करने की बात कही। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण गोयल ने मरीजों के रिकॉर्ड को मेंटेन करने के बारे में बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि चिकित्सक का ध्येय धन अर्जित करने की बजाए मरीज की सेवा होनी चाहिए। दिन-रात की ड्यूटी के कारण रोगियों से चिकित्सक को तनावग्रस्त नहीं हो, इसके लिए उन्हें रोगी की सेवा के साथ निजी सुरक्षा का ख्याल भी रखना चाहिए। प्रोफेसर बीना रवि ने अस्पताल में इंटर्न की भूमिका और जिम्मेदारी के बारे में बताया। प्रो.शालिनी राव ने मरीज की सुरक्षा के लिए रखी जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया।
विज्ञापन
डॉ. पुनीत धमीजा ने सही तरीके से रोग की पहचान, दवा और उसकी सही मात्रा के बारे में जानकारी दी वहीं डॉ. फरहान उल हुदा ने विद्यार्थियों को सर्जरी के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानी, रोगी की संपूर्ण जानकारी जुटाने के बाद ही सर्जरी करने की बात कही। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण गोयल ने मरीजों के रिकॉर्ड को मेंटेन करने के बारे में बताया।
विज्ञापन