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Rishikesh News: 217 काॅलेज, सवा लाख छात्र, परीक्षा की जिम्मेदारी तीन लोगों पर
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कर्मियों की कमी से जूझ रहा श्रीदेव सुमन विवि, परीक्षा अनुभाग में सिर्फ तीन की कर्मचारी
परीक्षा समय पर न होने और मूल्यांकन में गड़बड़ी से परेशान रहते हैं छात्र
217 संबद्ध काॅलेज और परिसर, सवा लाख से अधिक छात्र-छात्राएं और परीक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ तीन लोगों पर। यह स्थिति है श्रीदेव सुमन विवि के परीक्षा अनुभाग की। कर्मचारियों की कमी का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। विवि का सत्र भी करीब तीन माह पीछे चल रहा है।
श्रीदेव सुमन विवि के परीक्षा अनुभाग में एक परीक्षा नियंत्रक और दो सहायक परीक्षा नियंत्रक तैनात हैं। इन तीन अधिकारियों पर ही सवा लाख छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं संपन्न कराना और परीक्षाओं का परिणाम घोषित करने की जिम्मेदारी है। कर्मियों की कमी के चलते परीक्षा और परिणाम समय पर घोषित नहीं हो पा रहे हैं। स्थिति यह है नया शिक्षा सत्र शुरू हुए तीन माह से अधिक समय हो गया है। लेकिन अभी पिछले शिक्षा सत्र 2022-23 की परीक्षाओं के परिणाम ही पूरे घोषित नहीं हो पाए हैं।
सत्र 2022-23 के द्वितीय, चतुर्थ और छठवें सत्र का परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है। जिससे पीजी प्रथम सेमेस्टर में छात्र प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि समय पर परीक्षाएं और उनका परीक्षा परिणाम घोषित न होने से उनके भविष्य पर भी प्रभाव पड़ेगा। विवि प्रशासन सत्र नियमित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।
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परीक्षाएं और परीक्षा परिणाम समय पर घोषित नहीं हो रहे हैं। जिससे छात्रों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। पिछले सत्र के स्नातक अंतिम सेमेस्टर का अभी परीक्षा परिणाम नहीं आया है। जबकि नया सत्र शुरू हुए तीन माह से अधिक हो गए हैं। छात्र पीजी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश नहीं ले पाए हैं। - अमन पांडे, छात्र संघ महासचिव, ऋषिकेश
प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के परिणाम अभी तक नहीं आए हैं। जिस कारण छात्र तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश आवेदन पत्र नहीं भर पा रहे हैं। विवि सत्र को नियमित करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। - अभय वर्मा, विवि प्रतिनिधि, ऋषिकेश परिसर
विवि में कर्मचारियों के 31 पद अधीनस्थ चयन आयोग को भेजे गए हैं। भर्ती प्रक्रिया के बाद विवि को उक्त कर्मी मिल जाएंगे। वहीं, परीक्षा अनुभाग में पदों के सृजन के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा। - प्रो. एनके जोशी, कुलपति, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि
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परीक्षा समय पर न होने और मूल्यांकन में गड़बड़ी से परेशान रहते हैं छात्र
217 संबद्ध काॅलेज और परिसर, सवा लाख से अधिक छात्र-छात्राएं और परीक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ तीन लोगों पर। यह स्थिति है श्रीदेव सुमन विवि के परीक्षा अनुभाग की। कर्मचारियों की कमी का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। विवि का सत्र भी करीब तीन माह पीछे चल रहा है।
श्रीदेव सुमन विवि के परीक्षा अनुभाग में एक परीक्षा नियंत्रक और दो सहायक परीक्षा नियंत्रक तैनात हैं। इन तीन अधिकारियों पर ही सवा लाख छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं संपन्न कराना और परीक्षाओं का परिणाम घोषित करने की जिम्मेदारी है। कर्मियों की कमी के चलते परीक्षा और परिणाम समय पर घोषित नहीं हो पा रहे हैं। स्थिति यह है नया शिक्षा सत्र शुरू हुए तीन माह से अधिक समय हो गया है। लेकिन अभी पिछले शिक्षा सत्र 2022-23 की परीक्षाओं के परिणाम ही पूरे घोषित नहीं हो पाए हैं।
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सत्र 2022-23 के द्वितीय, चतुर्थ और छठवें सत्र का परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है। जिससे पीजी प्रथम सेमेस्टर में छात्र प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि समय पर परीक्षाएं और उनका परीक्षा परिणाम घोषित न होने से उनके भविष्य पर भी प्रभाव पड़ेगा। विवि प्रशासन सत्र नियमित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।
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परीक्षाएं और परीक्षा परिणाम समय पर घोषित नहीं हो रहे हैं। जिससे छात्रों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। पिछले सत्र के स्नातक अंतिम सेमेस्टर का अभी परीक्षा परिणाम नहीं आया है। जबकि नया सत्र शुरू हुए तीन माह से अधिक हो गए हैं। छात्र पीजी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश नहीं ले पाए हैं। - अमन पांडे, छात्र संघ महासचिव, ऋषिकेश
प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के परिणाम अभी तक नहीं आए हैं। जिस कारण छात्र तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश आवेदन पत्र नहीं भर पा रहे हैं। विवि सत्र को नियमित करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। - अभय वर्मा, विवि प्रतिनिधि, ऋषिकेश परिसर
विवि में कर्मचारियों के 31 पद अधीनस्थ चयन आयोग को भेजे गए हैं। भर्ती प्रक्रिया के बाद विवि को उक्त कर्मी मिल जाएंगे। वहीं, परीक्षा अनुभाग में पदों के सृजन के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा। - प्रो. एनके जोशी, कुलपति, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि