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एम्स में होगी सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में इंटरनेशनल हिपैटो पैंक्रियाटो बिलियरी एसोसिएशन और इंडियन चैप्टर नॉर्थ जोन की ओर से सर्जरी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने लीवर, गॉल ब्लेडर व पेनक्रियाज जैसे रोगों के निदान के लिए एम्स में हो रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एम्स में अतिशीघ्र एचपीबी की बीमारियों के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। एम्स निदेशक ने संस्थान के प्रेसिडेंट प्रोफेसर समीरन नंदी व एम्स नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा को उनके जीवन के उल्लेखनीय कार्यों के लिए लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से नवाजा।
कार्यशाला में केईएम अस्पताल मुंबई के डॉ. चेतन कंथारिया ने सीबीडी के बारे में जानकारी दी। डॉ. विकास गुप्ता ने गॉल ब्लेडर के कैंसर व टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई के डॉ. विक्रम चौधरी ने पेनक्रियाज के कैंसर संबंधी जानकारी दी। डॉ. एमसी मिश्रा ने गॉल ब्लेडर की सर्जरी व पित्त की थैली के ऑपरेशन के दौरान पित्त की नलकी को क्षति पहुंचने से बचाने के तौर तरीके बताए। डॉ. संजीव गोविल, डॉ. पीके मिश्रा ने पित्त की नलकी के कैंसर पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. नैमीष मेहता ने लीवर ट्रांसप्लांट पर व्याख्यान दिया। डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि एम्स में पित्त की थैली, लीवर, पित्त की नलकी व पेनक्रियाज के जटिलतम ऑपरेशन सफलता पूर्वक किए जा रहे हैं।
कार्यशाला में उत्तराखंड व आसपास के मेडिकल कॉलेज के पीजी स्टूडेंट्स ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर डॉ. सोमप्रकाश बासू, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. ब्रह्मप्रकाश, प्रो.सुरेखा किशोर, प्रो.बीना रवि, प्रो.मनोज गुप्ता, डॉ. सोमप्रकाश बासू, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. सुमित सन्याल, डॉ. दीपक राजपूत, डॉ. नवीन कुमार मौजूद रहे।
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कार्यशाला में केईएम अस्पताल मुंबई के डॉ. चेतन कंथारिया ने सीबीडी के बारे में जानकारी दी। डॉ. विकास गुप्ता ने गॉल ब्लेडर के कैंसर व टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई के डॉ. विक्रम चौधरी ने पेनक्रियाज के कैंसर संबंधी जानकारी दी। डॉ. एमसी मिश्रा ने गॉल ब्लेडर की सर्जरी व पित्त की थैली के ऑपरेशन के दौरान पित्त की नलकी को क्षति पहुंचने से बचाने के तौर तरीके बताए। डॉ. संजीव गोविल, डॉ. पीके मिश्रा ने पित्त की नलकी के कैंसर पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. नैमीष मेहता ने लीवर ट्रांसप्लांट पर व्याख्यान दिया। डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि एम्स में पित्त की थैली, लीवर, पित्त की नलकी व पेनक्रियाज के जटिलतम ऑपरेशन सफलता पूर्वक किए जा रहे हैं।
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कार्यशाला में उत्तराखंड व आसपास के मेडिकल कॉलेज के पीजी स्टूडेंट्स ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर डॉ. सोमप्रकाश बासू, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. ब्रह्मप्रकाश, प्रो.सुरेखा किशोर, प्रो.बीना रवि, प्रो.मनोज गुप्ता, डॉ. सोमप्रकाश बासू, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. सुमित सन्याल, डॉ. दीपक राजपूत, डॉ. नवीन कुमार मौजूद रहे।
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