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छात्रों ने जाना समय पर दवा न लेने का दुष्प्रभाव
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में दवाओं के प्रयोग में गलतियों व विसंगतियों के घातक प्रभाव विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने इस तरह की घटनाओं से होने वाले आर्थिक व शारीरिक नुकसान और बचाव की जानकारी दी। इस दौरान एम फार्मा के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के जरिये संदेश दिया। संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित संगोष्ठी में एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कहा कि मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार के लिए फार्माकोलॉजी विभाग बेहतर टीम कार्य कर रही है।
इस दौरान विशेषज्ञों ने दवाओं के गलत इस्तेमाल, दवा लेने में विसंगति, दवाओं के विक्रय के समय होने वाली गलतियों, समय पर दवा नहीं लेने के दुष्प्रभाव, चिकित्सक के परामर्श के अनुपालन में होने वाली त्रुटियों को रोकने व इससे बचने के उपाय बताए। विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र हांडू ने बताया कि एम्स संस्थान का औषधि विज्ञान भारत सरकार के आंचलिक केंद्र के तौर पर दवा सतर्कता केंद्र की भूमिका निभा रहा है। विभाग दवाओं से होने वाले दुष्प्रभावों की निगरानी, पहचान व अध्ययन भी करता है। विभाग के एसोसिएट प्रो. पुनीत धमीजा व राजेंद्र कुमार ने दवाओं के उत्पादन में गुणवत्ता व इस कार्य में खामियां बरतने पर होने वाले दुष्प्रभाव बताए।
फार्माको विजिलेंस एसोसिएट पल्लवी श्रीवास्तव ने दवाओं के उपयोग को लेकर सतर्कता व दुष्प्रभावों के बारे में बताया। संगोष्ठी में अस्पताल की दवा सुरक्षा पहल की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर डीएमएस डॉ. अनुभा अग्रवाल, डॉ. सुमित, पंकज पंत, अनुराग, गायत्री, मीना, मनीषा, ऋतु आदि मौजूद थे।
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इस दौरान विशेषज्ञों ने दवाओं के गलत इस्तेमाल, दवा लेने में विसंगति, दवाओं के विक्रय के समय होने वाली गलतियों, समय पर दवा नहीं लेने के दुष्प्रभाव, चिकित्सक के परामर्श के अनुपालन में होने वाली त्रुटियों को रोकने व इससे बचने के उपाय बताए। विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र हांडू ने बताया कि एम्स संस्थान का औषधि विज्ञान भारत सरकार के आंचलिक केंद्र के तौर पर दवा सतर्कता केंद्र की भूमिका निभा रहा है। विभाग दवाओं से होने वाले दुष्प्रभावों की निगरानी, पहचान व अध्ययन भी करता है। विभाग के एसोसिएट प्रो. पुनीत धमीजा व राजेंद्र कुमार ने दवाओं के उत्पादन में गुणवत्ता व इस कार्य में खामियां बरतने पर होने वाले दुष्प्रभाव बताए।
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फार्माको विजिलेंस एसोसिएट पल्लवी श्रीवास्तव ने दवाओं के उपयोग को लेकर सतर्कता व दुष्प्रभावों के बारे में बताया। संगोष्ठी में अस्पताल की दवा सुरक्षा पहल की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर डीएमएस डॉ. अनुभा अग्रवाल, डॉ. सुमित, पंकज पंत, अनुराग, गायत्री, मीना, मनीषा, ऋतु आदि मौजूद थे।
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