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ब्रह्म महोत्सव के समापन पर निकाली रथयात्रा
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । कृष्णकुंज आश्रम में ब्रह्म महोत्सव के समापन पर नगर क्षेत्र में भगवान वेणुगोपाल की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस मौके पर भगवान वेणुगोपाल का पंचामृत व 108 जल कलशों से अभिषेक किया गया। मायाकुंड स्थित कृष्णकुंज आश्रम परिसर से भगवान वेणुगोपाल की रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया। महामंडलेश्वर कृष्णाचार्य के सानिध्य में आश्रम परिसर से शुरू हुई रथ यात्रा मायाकुंड, गोपाल मंदिर, त्रिवेणी घाट, तिलक रोड, रेलवे रोड, भरत मंदिर होती हुई आश्रम परिसर में संपन्न की गई। रथयात्रा का नगर क्षेत्र में सामाजिक, व्यापारिक, राजनैतिक और धार्मिक संगठनों ने पुष्प वर्षा कर भगवान वेणुगोपाल का स्वागत किया।
शोभा यात्रा के बाद आश्रम परिसर में भगवान वेणुगोपाल का पंचामृत और 108 जल कलशों से अभिषेक किया गया। इसके बाद नंद महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। महामंडलेश्वर कृष्णा चार्य ने बताया कि अक्षय तृतीया को सबसे ज्यादा भगवान विष्णु के छटे अवतार भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। परशुराम आठ पौराणिक पात्रों में से एक हैं, जिन्हें अमरता का वरदान मिला है। इस अवसर पर गोपालाचार्य, हर्षवर्धन शर्मा, मेयर अनिता ममगाईं, मधुसूदन शर्मा, वत्सल शर्मा, स्वामी सुरेश दास, महामंडलेश्वर ईश्वर दास, कपिल मुनि, पंडित रवि शास्त्री, मोहन सिंह गांववासी, रामचौबे, ज्योति सजवाण, रमाकांत शर्मा, अभिषेक शर्मा, राजेश पयाल, पीके श्रीवास्तव, महंत बलवीर सिंह, प्रकाशचंद रस्तोगी, वंशीधर पोखरियाल, इंद्रकुमार गोदवानी, संजय शास्त्री, सरोज डिमरी, राजेश पांडे, रोशनलाल शर्मा, राकेश मोहन मौजूद थे।
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शोभा यात्रा के बाद आश्रम परिसर में भगवान वेणुगोपाल का पंचामृत और 108 जल कलशों से अभिषेक किया गया। इसके बाद नंद महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। महामंडलेश्वर कृष्णा चार्य ने बताया कि अक्षय तृतीया को सबसे ज्यादा भगवान विष्णु के छटे अवतार भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। परशुराम आठ पौराणिक पात्रों में से एक हैं, जिन्हें अमरता का वरदान मिला है। इस अवसर पर गोपालाचार्य, हर्षवर्धन शर्मा, मेयर अनिता ममगाईं, मधुसूदन शर्मा, वत्सल शर्मा, स्वामी सुरेश दास, महामंडलेश्वर ईश्वर दास, कपिल मुनि, पंडित रवि शास्त्री, मोहन सिंह गांववासी, रामचौबे, ज्योति सजवाण, रमाकांत शर्मा, अभिषेक शर्मा, राजेश पयाल, पीके श्रीवास्तव, महंत बलवीर सिंह, प्रकाशचंद रस्तोगी, वंशीधर पोखरियाल, इंद्रकुमार गोदवानी, संजय शास्त्री, सरोज डिमरी, राजेश पांडे, रोशनलाल शर्मा, राकेश मोहन मौजूद थे।
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