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संगीत की थाप पर विदेशी योग साधकों ने खेली रंगों की होली

Sun, 03 Mar 2019 02:02 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2019 02:02 AM IST
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संगीत की थाप पर विदेशी योग साधकों ने खेली रंगों की होली
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में आयोजित 30वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन विश्व प्रसिद्ध ताल व ड्रम वादक शिवमणि की संगीत की थाप पर देसी विदेशी योग साधकों ने होलिका रंग महोत्सव मनाया। इस दौरान देश विदेश से आए योगचार्यों, योग साधकों तथा योग जिज्ञासुओं ने विश्व बंधुत्व, वसुधैव कुटुम्बकम, सादगी, सद्भाव, समरसता व स्वच्छता का संदेश देते हुए फूलों की होली खेली। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी को एक साथ शांतिपूर्ण परिवार, शांतिपूर्ण राष्ट्र और शांतिपूर्ण दुनिया के निर्माण हेतु अपनी शक्ति, सामर्थ्य और ऊर्जा का उपयोग करने का संदेश दिया।
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योग महोत्सव की निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि ध्यान के लिए प्रयत्न नहीं बल्कि ध्यानमय जीवन जीने की जरूरत है। जहां पर प्रयत्न होगा वहां ध्यान नहीं हो सकता। ध्यान करने की नहीं स्वत: होने की अवस्था है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मां गंगा अपने संगीत के साथ निरंतर प्रवाहित होती है, उसी प्रकार ध्यान को भी शरीर में प्रवाहित होने दें। जीवन में प्रेम, करुणा, उदारता, धैर्य और क्षमा आदि गुणों का विकसित होना ही ध्यान का प्रथम सोपान है। ध्यान करने की नहीं जीने की विधा है।
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अमेरिका की आनंद्रा जार्ज ने परमार्थ निकेतन के गंगा घाट पर सूर्योदय के साथ नाद योग संगीत ध्यान कराया। इसके बाद अमेरिका से आये योगाचार्य टॉमी रोजन ने रिवर ऑफ क्रिया पर ध्यान कराया। योग घाट पर अमेरिका से आई योग के क्षेत्र में सुपरपावर शॉन कॉर्न ने जागृति योग का नेतृत्व किया। पवित्र ध्वनि मंच पर योगाचार्य कैरेन न्यूमैन ने महामृत्युंजय मंत्र से योग अभ्यास कराया। दोपहर के सत्र में स्पेनिश और अंग्रेजी में पुनर्जन्म सत्र पर जय हरि सिंह, डॉ. जीएस गुप्ता की ओर से आयुर्वेद की कक्षा, अमेरिका से आई आयुर्वेदाचार्य, योगाचार्य और विख्यात लेखक लौरा प्लम्ब ने वैदिक पौराणिक कथायें और चार देवियोें की जागृति साधना, ‘द लव की’ (दिव्य प्रेम के सूत्र) तथा सुखदायक मंत्रों के माध्यम से सांसों की लय का अभ्यास कराया।
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इन देशों से पहुंचे योग साधक
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में भारत, स्पेन, ब्राजील, पुर्तगाल, चीन, मैक्सिको, बेल्जियम, अमेरिका, कोलंबिया, नीदरलैंड, पेरू, अर्जेंटीना, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, इटली, नार्वे, जर्मनी, तिब्बत, भूटान, रूस, इजरायल, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, स्वीडन, हांगकांग, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड, बहरीन, अफगानिस्तान, अफ्रीका, सिंगापुर, ताईबान, फिलिस्तीन, ईरान, जापान, केन्या, यमन, पेलस्टाईन, चीन, सिंगापुर, ताईबान, बैंकाक, नामिबिया, इक्वेडोर, कोलंबिया, ग्वाटेमाला, ऑस्ट्रिया, क्यूबा, चिले, थाईलैंड, तुर्की, ब्रिटेन, दक्षिण अमेरिका सहित विश्व के विभिन्न देेशों के योग जिज्ञासुओं ने सहभाग किया।
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