उपचार के अभाव से होती है टीबी रोगियों की मौत
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। विश्व टीबी दिवस के उपलक्ष्य में भानियावाला स्थित पेन इंडिया स्कूल परिसर में पेन इंडिया फाउंडेशन और स्वामीराम हिमालयन विश्वविद्यालय की ओर से टीबी जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। हिमालयन इंस्टीट्यूट मेडिकल सांइसेज के कम्यूनिटी विभाग की डॉ. दीपशिखा वार्ष्णेय और डॉ. विदिशा वल्लभ के निर्देशन में डॉ. पुनीत कालरा और डॉ. सुमित कुमार ने शिविर में आए लोगों को टीबी के इलाज सहित रोग प्रक्रिया की जानकारी दी। बताया कि भारत में सालाना 23 लाख से अधिक नए मरीज सामने आ रहे है। जबकि उचित उपचार के अभाव में मरीजों की मौत हो जाती है।
खांसी, छाती में दर्द होना, वजन कम होना और खून वाली खांसी का आना टीबी के लक्षण है। उन्होंने बताया कि टीबी से बचाव के लिए बीसीजी का टीका लगवाएं, आसपास सफाई रखें और छींकते समय मुंह को ढककर रखना चाहिए। हिमालयन अस्पताल के पल्मोनरी मेडिसन विभागध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार और डॉ. राखी खंडूरी ने बताया कि अस्पताल की ओर से टीबी जागरुकता को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। 25 मार्च से 27 मार्च तक तीन दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा।