{"_id":"5c6f0b1cbdec222b6e16d63c","slug":"161550781212-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"28 साल बाद रिकवरी ने किया 10 का आंकड़ा पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
28 साल बाद रिकवरी ने किया 10 का आंकड़ा पार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। शुगर मिल डोईवाला ने 28 साल पुराने रिकार्ड को तोड़ते हुए बृहस्पतिवार को 10.01 रिकवरी की। साल 1991-92 के पेराई सत्र में मिल को सर्वाधिक 9.42 रिकवरी मिली थी। चीनी मिल में रिकवरी बढ़ने से फैक्ट्री प्रबंधन ने खुशी जताई है। अविभाजित उत्तरप्रदेश में डोईवाला शुगर फैक्ट्री को सरसावा सहारनपुर से गन्ने की आपूर्ति हुई थी, जिससे रिकवरी 9.42 प्राप्त हुई थी। लंबे समय से फैक्ट्री प्रबंधन इस रिकार्ड को तोड़ने के लिए प्रयासरत था। इसके लिए मिल की ओर से किसानों को शीघ्र प्रजाति की बुवाई से लेकर अन्य सुविधाएं देकर बेहतर फसल के लिए मदद दी गई। नतीजा बृहस्पतिवार के दिन शुगर मिल को मिला।
डोईवाला फैक्ट्री के पास हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब, देहरादून, डोईवाला और हरिद्वार जनपद से कुल 58 गन्ना क्रय केंद्रो से आपूर्ति हो रही है। 6 दिसंबर से शुरू हुआ पेराई सत्र 12 दिसंबर से सुचारु चल रहा है। मिल प्रबंधन को उम्मीद है कि मौजूदा सत्र में 32 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य है। इस समय तक शुगर फैक्ट्री ने 14.78 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर औसतन 9.43 रिकवरी प्राप्त करते हुए एक लाख 39 हजार 480 चीनी बोरा उत्पादित कर लिया है। रिकवरी में सुधार होनेे से मिल की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के आसार बनने लगे हैं।
यह है गन्ने की रिकवरी
शुगर मिल में प्रभावी उत्पादन का सारा दारोमदार रिकवरी पर होता है। एक क्विंटल गन्ने से उत्पादित होने वाली चीनी से रिकवरी का अंदाजा लगाया जाता है। आमतौर पर इसे ही उत्पादन का सूचकांक के रूप में देखते हैं। गन्ने से प्राप्त रस से ही रिकवरी का पता लगाया जाता है। गन्ने में जितना अधिक रस मौजूद होता है, रिकेवरी उतनी अधिक होती जाती है। शुगर मिल में आपूर्ति होने वाले गन्ने पर रिकवरी निर्भर रहती है। पिछले साल शुगर मिल को 9.40 मिली थी। बृहस्पतिवार को रिकवरी का आंकड़ा 10.01 तक पहुंच गया।
विज्ञापन
कोट्स
शुगर मिल में रिकवरी में बढ़ोतरी होना शुभ संकेत है। मध्य पेराई सत्र में रिकार्ड रिकवरी से मिल को अच्छे परिणाम मिलना तय हो रहा है। बृहस्पतिवार को 10.01 रिकवरी मिली है जो उपलब्धिपूर्ण है। ऐसा सुचारु रहने से मिल की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
- कासिम अली, गन्ना प्रबंधक, डोईवाला शुगर फैक्ट्री।
विज्ञापन
डोईवाला फैक्ट्री के पास हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब, देहरादून, डोईवाला और हरिद्वार जनपद से कुल 58 गन्ना क्रय केंद्रो से आपूर्ति हो रही है। 6 दिसंबर से शुरू हुआ पेराई सत्र 12 दिसंबर से सुचारु चल रहा है। मिल प्रबंधन को उम्मीद है कि मौजूदा सत्र में 32 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य है। इस समय तक शुगर फैक्ट्री ने 14.78 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर औसतन 9.43 रिकवरी प्राप्त करते हुए एक लाख 39 हजार 480 चीनी बोरा उत्पादित कर लिया है। रिकवरी में सुधार होनेे से मिल की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के आसार बनने लगे हैं।
विज्ञापन
यह है गन्ने की रिकवरी
शुगर मिल में प्रभावी उत्पादन का सारा दारोमदार रिकवरी पर होता है। एक क्विंटल गन्ने से उत्पादित होने वाली चीनी से रिकवरी का अंदाजा लगाया जाता है। आमतौर पर इसे ही उत्पादन का सूचकांक के रूप में देखते हैं। गन्ने से प्राप्त रस से ही रिकवरी का पता लगाया जाता है। गन्ने में जितना अधिक रस मौजूद होता है, रिकेवरी उतनी अधिक होती जाती है। शुगर मिल में आपूर्ति होने वाले गन्ने पर रिकवरी निर्भर रहती है। पिछले साल शुगर मिल को 9.40 मिली थी। बृहस्पतिवार को रिकवरी का आंकड़ा 10.01 तक पहुंच गया।
विज्ञापन
कोट्स
शुगर मिल में रिकवरी में बढ़ोतरी होना शुभ संकेत है। मध्य पेराई सत्र में रिकार्ड रिकवरी से मिल को अच्छे परिणाम मिलना तय हो रहा है। बृहस्पतिवार को 10.01 रिकवरी मिली है जो उपलब्धिपूर्ण है। ऐसा सुचारु रहने से मिल की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
- कासिम अली, गन्ना प्रबंधक, डोईवाला शुगर फैक्ट्री।