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चकबंदी को राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित करने की जरूरत

Fri, 21 Jun 2019 01:53 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jun 2019 01:53 AM IST
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चकबंदी को राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित करने की जरूरत
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती । यमकेश्वर में कृषि प्राविधिक प्रबंधन समिति ने प्रदेश सरकार के सहयोग से कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर किसानों को कृषि से संबंधित जानकारी दी गई। बृहस्पतिवार को विकास खंड यमकेश्वर के सभागार हॉल में कृषक सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष बचन बिष्ट की अध्यक्षता में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख यमकेश्वर कृष्णा नेगी ने कहा कि पहाड़ों से मैदान तक कृषि सिमटती जा रही है। यह हम सब के लिए चिंता का विषय है। यदि इसी प्रकार से कृषि कार्य कम होगा तो हमारी भविष्य की पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी। वर्तमान में कृषि को बचाने की जरूरत है। इसके लिए सरकार को सर्व प्रथम चकबंदी को राष्ट्रीय कार्यक्रम घोषित करने की आवश्यकता है।
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बोर्ड के अध्यक्ष बचन सिंह बिष्ट ने कहा कि कृषि विभाग अनेक प्रकार की योजनाएं चला रहा है। सभी कृषकों को उन योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। कृषि विभाग किसानों को 10 लाख रुपये तक कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत की छूट दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में चारे का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा कृषि बीमा योजना, फसल बीमा, उद्यान बीमा, पशुधन बीमा आदि कृषक हित की योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस मौके पर विकास खंड प्रभारी मुकेश त्यागी, उद्यान विभाग के प्रभारी एम कुकरेती ने अपने विभागों की जानकारी कृषकों को दी। इस अवसर पर वीडीओ अपर्णा बहुगुणा, पंचायत अधिकारी एस कठैत, न्याय पंचायत कृषि प्रभारी सत्यपाल चौधरी, धवल सिंह, मयंक सैनी, मुकेश सैनी, सुनील थपलियाल, प्रधान रविंद्र जुगलान, प्रदीप राणा, रविंद्र बिष्ट, राजपाल राणा आदि मौजूद थे।
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