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नगर निगम ने किया 46.11 करोड़ का बजट पारित

Tue, 11 Jun 2019 02:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2019 02:00 AM IST
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नगर निगम ने किया 46.11 करोड़ का बजट पारित
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। नगर में आयोजित बोर्ड बैठक में 2019-20 के लिए बजट पारित किया गया। इस साल बजट 46 करोड़ 11 लाख रुपये रखा गया है। जबकि पिछले वर्ष यह बजट 38 करोड़ 72 लाख का था। इस हिसाब से इस वर्ष का बजट करीब 8 करोड़ वृद्धि के साथ पारित हुआ है। बैठक में कर वसूली के जरिये नगर निगम की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया। मेयर अनिता ममगाईं की अध्यक्षता में शुरू हुई बोर्ड बैठक में 40 में से 13 पार्षद अनुपस्थित रहे, जिसे गंभीरता से लिया गया। मेयर ने बैठक से अनुपस्थित रहे पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही बैठक में देरी से पहुंचने वाले पार्षदों को भी आड़े हाथ लिया।
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अपराह्न तीन बजे बैठक का समय तय किया गया था। मेयर सहित करीब 18 पार्षद तय समय पर सभागार में पहुंच गए। करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद कुल 27 पार्षद बैठक में शामिल हो पाए। नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान ने आननफानन में कोरम पूरा किया। इसके बाद बजट पारित किया गया। बजट पारित होने के बाद मेयर अनिता ममगाईं ने बताया कि कर वसूली के जरिये नगर निगम की आय बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। आचार संहिता से पहले जो टेंडर पारित हो चुके हैं उनका काम तत्काल शुरू करवाया जाए।
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पार्षदों ने की बैठने की जगह की सिफारिश
बोर्ड बैठक के दौरान पार्षदों ने अपने बैठने की जगह का भी इंतजाम करने की सिफारिश की। इस पर मेयर अनिता ममगाईं ने बताया कि इस मद में पांच लाख का बजट तय किया गया है। जगह भी देख ली गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए भवन में पार्षदों के साथ ही पत्रकारों को भी बैठने की जगह मुहैया कराई जाएगी।
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निजी संस्थानों से भी होगी कर वसूली
निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए पेट्रोल पंप, निजी स्कूल सहित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सर्किल रेट के हिसाब से कर वसूली करेगा। इसके साथ ही बोर्ड ने तय किया है कि निगम की दुकानों से भी 2014 के शासनादेश के हिसाब से किराया वसूल किया जाएगा। दूसरा विरोधाभासी पहलू ये है कि निगम की कई संपत्तियां ऐसी हैं जहां पर अब भी मौखिक समझौते के तहत कब्जेदारी है। उनसे निगम का न तो कोई अनुबंध हुआ है और न फूटी कौड़ी किराए के रूप में आ रही है। निगम के पास इस पचड़े का अब भी कोई स्पष्ट समाधान नहीं है।

यहां से वसूले जाएंगे कर
- भवन तथा भूमि कर के मद में दो करोड़ 20 लाख
- व्यावसायिक शुल्क में डेढ़ करोड़ और प्रशासनिक वाहन क्रय में 45 लाख
- वाहन व नाव, कुत्तों, सवारी तथा भार वाहन के कार्य में आने वाले पशुओं पर कर
- पार्किंग कर पिछले वर्ष 60 लाख से बढ़ाकर 80 लाख कर दिया गया
- व्यापार, आजीविका तथा व्यवसाय भी कर में शामिल
- विज्ञापन कर 30 लाख से बढ़ाकर 50 लाख
- कांजीहाउस की सुविधा को लेकर दिखाई उदासीनता


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