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रेल परियोजना की खुदाई में कटीं लाइनें, बीएसएनएल सेवाएं ठप
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेलवे लाइन की खुदाई के चलते भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की भूमिगत केबिल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके कारण ऋषिकेश तथा आसपास क्षेत्रों के मोबाइल सेवा, इंटरनेट, लैंडलाइन, लीज लाइन सेवाएं ठप हो गई हैं। रेलवे विभाग ने एक साल पहले ही ठेकेदार को भुगतान कर बीएसएनएल अफसरों को वैकल्पिक व्यवस्था बनाने को कह दिया था। इसके बावजूद समय रहते इंतजाम नहीं हो पाए। ठेकदारों का कहना है कि बीएसएनएल की ओर से भुगतान न होने की वजह से काम में रुकावट आई।
दरअसल ऋषिकेश-कर्णप्रयाण परियोजना के निर्माण कार्य के चलते बीएसएनएल को अपनी लाइनें शिफ्ट करनी थीं। इसके लिए रेलवे विभाग की ओर से लगभग एक करोड़ रुपये भी वर्ष 2018 में भुगतान कर दिया गया था। इसके बावजूद बीएसएनएल की ओर से समय रहते कार्य शुरू नहीं करवाया। नतीजा यह रहा कि रविवार को देहरादून रोड स्थित नटराज चौक के समीप बीएसएनएल के एक्सचेंज कार्यालय के बाहर रेलवे विभाग की खुदाई में सभी ब्रॉडबैंड व टेलीफोन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं।
इस कारण ऋषिकेश, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, आईडीपीएल, रायवाला और नरेंद्र नगर तक लैंडलाइन, लीज लाइन, मोबाइल सेवा, इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गईं। बीएसएनएल की लीज लाइन से जुड़े पंजाब नेेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, तहसील कार्यालय सहित अन्य कई बैंकों तथा उनकी एटीएम मशीनें निष्क्रिय हो गई हैं। इससे लोगों को लेनदेन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिन बैंकों ने फाइबर की लीजलाइन ले रखी है, वहां कार्य सुचारु रूप से चल रहा है।
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शोपीस बने लैंडलाइन, नहीं बजी घंटी
तीर्थनगरी तथा आसपास क्षेत्रों में लैंडलाइन फोन शोपीस बने रहे। भूमिगत केबिल लाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण आफिस, घरों, दफ्तरों आदि में इंटरनेट सेवा बाधित रही। इसके अलावा बीएसएनएल के मोबाइल उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी। न ही उनके नंबर से कॉल जा पा रही है और न ही कॉल रिसीव कर पा रहे हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था कुछ नहीं
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना के खुदाई कार्य के चलते सभी ब्राडबैंड व टेलीफोन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं है। अभी इन केबिलों को जोड़ने में दो सप्ताह से भी ज्यादा का समय लगेगा। गंभीर पहलू यह है कि बीएसएनएल की ओर से सेवाएं सुचारु करने के लिए फिलहाल फौरी तौर पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पा रही है। लिहाजा इंटरनेट सेवाएं अभी बाधित रहेगी।
कोट्स
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना के तहत एक्सचेंस कार्यालय ऋषिकेश के समीप केबिल लाइनों को शिफ्ट किया जाना था। इसके लिए विभाग ने टेंडर भी जारी किए थे। ठेकेदारों ने काम पकड़ने के बाद कार्य शुरू नहीं किया। कारण जानने पर अन्यत्र जगहों से पेमेंट का भुगतान नहीं होना बताया। अब ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। फिलहाल ऋषिकेश एक्सचेंज के इंचार्ज को दो सप्ताह का समय दिया गया है। तय समय के भीतर केबिल लाइनों को जोड़ दिया जाएगा।
- एमसी सक्सेना, डिप्टी जनरल मैनेजर, बीएसएनएल
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दरअसल ऋषिकेश-कर्णप्रयाण परियोजना के निर्माण कार्य के चलते बीएसएनएल को अपनी लाइनें शिफ्ट करनी थीं। इसके लिए रेलवे विभाग की ओर से लगभग एक करोड़ रुपये भी वर्ष 2018 में भुगतान कर दिया गया था। इसके बावजूद बीएसएनएल की ओर से समय रहते कार्य शुरू नहीं करवाया। नतीजा यह रहा कि रविवार को देहरादून रोड स्थित नटराज चौक के समीप बीएसएनएल के एक्सचेंज कार्यालय के बाहर रेलवे विभाग की खुदाई में सभी ब्रॉडबैंड व टेलीफोन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं।
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इस कारण ऋषिकेश, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, आईडीपीएल, रायवाला और नरेंद्र नगर तक लैंडलाइन, लीज लाइन, मोबाइल सेवा, इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गईं। बीएसएनएल की लीज लाइन से जुड़े पंजाब नेेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, तहसील कार्यालय सहित अन्य कई बैंकों तथा उनकी एटीएम मशीनें निष्क्रिय हो गई हैं। इससे लोगों को लेनदेन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिन बैंकों ने फाइबर की लीजलाइन ले रखी है, वहां कार्य सुचारु रूप से चल रहा है।
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शोपीस बने लैंडलाइन, नहीं बजी घंटी
तीर्थनगरी तथा आसपास क्षेत्रों में लैंडलाइन फोन शोपीस बने रहे। भूमिगत केबिल लाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण आफिस, घरों, दफ्तरों आदि में इंटरनेट सेवा बाधित रही। इसके अलावा बीएसएनएल के मोबाइल उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी। न ही उनके नंबर से कॉल जा पा रही है और न ही कॉल रिसीव कर पा रहे हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था कुछ नहीं
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना के खुदाई कार्य के चलते सभी ब्राडबैंड व टेलीफोन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं है। अभी इन केबिलों को जोड़ने में दो सप्ताह से भी ज्यादा का समय लगेगा। गंभीर पहलू यह है कि बीएसएनएल की ओर से सेवाएं सुचारु करने के लिए फिलहाल फौरी तौर पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पा रही है। लिहाजा इंटरनेट सेवाएं अभी बाधित रहेगी।
कोट्स
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना के तहत एक्सचेंस कार्यालय ऋषिकेश के समीप केबिल लाइनों को शिफ्ट किया जाना था। इसके लिए विभाग ने टेंडर भी जारी किए थे। ठेकेदारों ने काम पकड़ने के बाद कार्य शुरू नहीं किया। कारण जानने पर अन्यत्र जगहों से पेमेंट का भुगतान नहीं होना बताया। अब ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। फिलहाल ऋषिकेश एक्सचेंज के इंचार्ज को दो सप्ताह का समय दिया गया है। तय समय के भीतर केबिल लाइनों को जोड़ दिया जाएगा।
- एमसी सक्सेना, डिप्टी जनरल मैनेजर, बीएसएनएल