{"_id":"5c57485fbdec2273a03255f0","slug":"151549224031-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्व भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्व भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, अमर उजाला ब्यूरो
मुनिकीरेती। खारास्रोत नदी किनारे राजस्व भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई करने को लेकर नगर पालिका प्रबंधन और राजस्व विभाग लाचार दिख रहे हैं। लोगों ने पहले टीनशेड डालकर कब्जा किया, अब पक्का निर्माण कर स्थायी ठिकाना बनाने में जुटे हुए हैं। मुनिकीरेती में खारास्रोत नदी के किनारे पीडब्लूडी कार्यालय से तपोवन बाई पास मार्ग पार्किंग स्थल तक राजस्व की भूमि पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में है। नदी के किनारे अतिक्रमणकारियों ने करीब 20 टीनशेड अतिक्रमण की पुष्टि कर रहे हैं।
पालिका प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है कि हफ्ते भर के अंदर ही कब्जेदारों ने पक्का निर्माण करना शुरू कर दिया है। ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद एसडीएम नरेंद्र नगर चतर सिंह चौहान ने मौका मुआयना तो किया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सुस्त पड़ गए। लगातार हो रहे पक्के निर्माण इसकी प्रमाण दे रहे हैं। एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार नदी व उनकी सहायक नदियों के किनारे निर्माण प्रतिबंधित है। इस पर अमल की बात तो दूर नाक के नीचे धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहे हैं और सूचना होने के बावजूद अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं।
कोट्स
खारास्रोत नदी के किनारे हो रहे अतिक्रमण पर नगर पालिका प्रशासन गंभीर है। राजस्व भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस देकर सूचित कर दिया गया है। इसके बावजूद भी लोगों ने राजस्व भूमि खाली नहीं की तो नगर पालिका प्रशासन कार्रवाई करेगा। नगर पालिका की भूमि को बचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
- रोशन रतूड़ी, नगर पालिका अध्यक्ष, मुनिकीरेती
विज्ञापन
मुनिकीरेती। खारास्रोत नदी किनारे राजस्व भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई करने को लेकर नगर पालिका प्रबंधन और राजस्व विभाग लाचार दिख रहे हैं। लोगों ने पहले टीनशेड डालकर कब्जा किया, अब पक्का निर्माण कर स्थायी ठिकाना बनाने में जुटे हुए हैं। मुनिकीरेती में खारास्रोत नदी के किनारे पीडब्लूडी कार्यालय से तपोवन बाई पास मार्ग पार्किंग स्थल तक राजस्व की भूमि पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में है। नदी के किनारे अतिक्रमणकारियों ने करीब 20 टीनशेड अतिक्रमण की पुष्टि कर रहे हैं।
पालिका प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है कि हफ्ते भर के अंदर ही कब्जेदारों ने पक्का निर्माण करना शुरू कर दिया है। ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद एसडीएम नरेंद्र नगर चतर सिंह चौहान ने मौका मुआयना तो किया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सुस्त पड़ गए। लगातार हो रहे पक्के निर्माण इसकी प्रमाण दे रहे हैं। एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार नदी व उनकी सहायक नदियों के किनारे निर्माण प्रतिबंधित है। इस पर अमल की बात तो दूर नाक के नीचे धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहे हैं और सूचना होने के बावजूद अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं।
विज्ञापन
कोट्स
खारास्रोत नदी के किनारे हो रहे अतिक्रमण पर नगर पालिका प्रशासन गंभीर है। राजस्व भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस देकर सूचित कर दिया गया है। इसके बावजूद भी लोगों ने राजस्व भूमि खाली नहीं की तो नगर पालिका प्रशासन कार्रवाई करेगा। नगर पालिका की भूमि को बचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
- रोशन रतूड़ी, नगर पालिका अध्यक्ष, मुनिकीरेती