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कुछ देना तो दूर, मिलना भी जरूरी नहीं समझा राहुल ने
कर्णप्रयाग/विनय बहुगुणा
Updated Wed, 26 Jun 2013 12:30 AM IST
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आपदा प्रभावितों को कुछ देना तो दूर, मिलना भी मुनासिब नहीं समझा। उनके आने की सूचना पर गौचर हवाई पट्टी पहुंचे लोगों को मायूसी हाथ लगी।
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सोमवार रात को पौन दस बजे राहुल गांधी ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग से गौचर आईटीबीपी गेस्ट हाउस पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी को आठ बजे राहत शिविर पहुंचना था, लेकिन वे मंगलवार सुबह दस बजे हेलीकॉप्टर से केदारघाटी के लिए रवाना हो गए।
बताया गया कि मौसम खराबी के चलते उनका हेलीकॉप्टर केदारनाथ में लैंड नहीं कर सका। गुप्तकाशी में लैंडिग हुई।
दोपहर सवा बारह बजे के करीब उनका हेलीकॉप्टर पुन: आईटीबीपी आठवीं वाहिनी गौचर के गेस्ट हाउस पहुंचा और राहुल गांधी सड़क मार्ग से रुद्रप्रयाग के लिए रवाना हो गए।
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पुलिस और प्रशासनिक अमला भी अस्तव्यस्त नजर आया।
राहुल गांधी के रवैये को लेकर आपदा प्रभावितों के साथ यात्रियों ने भी रोष व्यक्त किया। फरीदाबाद से आएएस सिंह ने बताया कि केदारनाथ आपदा में उनके परिवार के छह लोग अभी भी लापता है। वे सोमवार को यहां पहुंचे।
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मंगलवार को सुना कि राहुल यहां शिविर में पहुंचकर प्रभावितों से बात करेंगे। मैं यहां सुबह आठ बजे पहुंच गया। लेकिन राहुल गांधी नहीं पहुंचे।
उन्होंने लोगों के दुखों की उपेक्षा की है। यही बात अपनों की खोज में आए गुजरात, मेरठ, राजस्थान से आए लोगों ने भी कही।