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पहचान बनी कैद का कारण्ा, 13 साल बाद जेल से हुआ रिहा

Wed, 11 Sep 2013 11:46 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 11 Sep 2013 11:46 PM IST
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rafi was released from prison after 13 years

संदिग्ध नागरिकता के चलते खुफिया विभाग के शिकंजे में आया मोहम्मद रफी 13 साल बाद रिहा होने में कामयाब रहा।

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरिद्वार के रोशनाबाद जिला कारागार से रफी को रिहा कर दिया है। वह अपनी बहन के पास मंगलौर चला गया है। खुफिया विभाग पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।


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सऊदी अरब का नागरिक
रफी को वर्ष 2002 में मसूरी (देहरादून) से एक विदेशी नागरिक के साथ गिरफ्तार किया था। विदेशी नागरिक की पता तस्दीक होने के बाद उसे छोड़ दिया था।

रफी ने खुद को सऊदी अरब का नागरिक बताया था। लेकिन, सऊदी अरब ने उसे अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद रफी ने हैदराबाद में अपना पता बताया।

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लेकिन, वहां भी पता तस्दीक नहीं हो पाया। वर्ष 2005 में रफी की एक बहन अख्तरी निवासी मंगलौर सामने आई। उसी दौरान मां भी सामने आई।

तीन साल की सजा
इससे रफी की राष्ट्रीयता का मामला पेचीदा होता चला गया। वर्ष 2010 में उसे एक मुकदमे में तीन साल की सजा सुनाई गई थी।

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सजा पूरी करने के बाद रफी ने अपने वकील से हाईकोर्ट में रिहाई की अपील की थी। हाईकोर्ट ने रफी को रिहा करने के आदेश दिए। आदेश मिलने के बाद बुधवार शाम उसे रिहा कर दिया गया।

इनकी भी सुनिए
कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए रफी को रिहा कर दिया गया है। वह अपनी बहन के पास चला गया है।
- राजीव स्वरूप, एसएसपी हरिद्वार।

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