{"_id":"5f9531d3542344b38994e7ce56c37e1e","slug":"profligate-want-dance-in-jungle-with-call-girl","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 अय्याशों के लिए होना था 'जंगल' में मुजरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 अय्याशों के लिए होना था 'जंगल' में मुजरा
अमर उजाला, जितेंद्र पपनै, रामनगर
Updated Fri, 13 Sep 2013 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रकृति की सुंदरता दिखाने का प्रचार-प्रसार करने वाले रिसोर्ट अय्याशी का केंद्र बन गए हैं। रामनगर के बैलपड़ाव रिसोर्ट में केवल सेक्स की डील नहीं हुई थी, बल्कि वहां रातभर मुजरे का इंतजाम किया गया था।
विज्ञापन
मुजरे के शौकीन अय्याशों ने लड़कियां भी ऐसी मंगवाई जो नाचने में फिट हैं। यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ढिकुली के एक रिसोर्ट में सेक्स रैकेट को पकड़ा गया था।
विज्ञापन
पढें, बारिश में नहलाने के बहाने बच्ची से की शर्मनाक हरकत
विज्ञापन
रातभर मुजरा करवाने का था इरादा
रातभर मुजरा करवाने का तानाबाना बुनने वाले रिसोर्ट बिना किसी वरदहस्त के इतने बड़े पैमाने पर सेक्स कारोबारियों को नहीं बुला सकते, यह बात पुलिस भी मानती है, मगर जिन हाथों से इन्हें प्रश्रय मिला हुआ है उन तक कानून के हाथ नहीं पहुंचते।
प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि मुजरा 15 अतिथियों के लिए रखा गया था। लालबत्ती लगी तीन वीआईपी गाड़ियों में आने वाले सफेदपोशों ने रिसोर्ट प्रबंधक के साथ-साथ सेक्स रैकेट के सरगना से पूरी डील कर रखी थी।
पढें, ...राजधानी की एक कोठी से चलता था सेक्स का धंधा
सेक्स के धंधे की बात
यह रिसोर्ट बीच जंगल में बना है और प्रचार के लिए प्रकृति की खूबसूरती को आधार बनाया गया है। कार्बेट का गढ़ होने की वजह से रामनगर और इसके आसपास के इलाकों में कई बड़े रसूखदारों ने सराय बना रखे हैं।
इन सरायों में सेक्स के धंधे की बात किसी से छिपी नहीं है। बस इन पर कार्रवाई करने से पहले कानून के रखवालों को भी सौ बार सोचना पड़ता है।
पढें, कॉलगर्ल संग लालबत्ती में ऐश करने पहुंचे कार्बेट पार्क
जंगल के बीच रिसोर्ट
कार्बेट जंगल क्लब रिसोर्ट ऐसे स्थान पर है जहां से जंगल की सुंदरता देखते बनती है। रिसोर्ट का प्रचार भी प्रकृति की खूबसूरती को आधार बनाकर किया गया है।
इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी कुछ बिंदुओं से प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। रेड पड़ने से पहले रिसोर्ट के मुख्य गेट पर कोई मौजूद नहीं रहा।
सफेदपोशों की गाड़ियां
वहीं पर सफेदपोशों की गाड़ियां खड़ी थी और इसी का फायदा उठाकर उन्हें भागने में कामयाबी भी मिली। हालांकि पुलिस कप्तान डा. सदानंद दाते का कहना है कि पूछताछ कि जा रही है।
पढें, ...मुस्लिम ने लिखी थी बदरीनाथ की आरती
गाड़ियों और उनमें आने वालों का पता लगाया जा रहा है। अब देखना है कि मुजरे के शौकीनों के गिरेबां तक कानून का लंबा हाथ पहुंचता है या नहीं।
डांस करती हैं ये
20 साल की माही (काल्पनिक नाम) ने कक्षा तीन तक पढ़ाई की है। सालभर पहले ही वो नेपाल से अपनी दीदी के पास दिल्ली आई और डांस प्रोग्राम करने लगी।
पढें, काहे का संत, विस्थापितों की जमीन भी निगल गया आसाराम
उसे हर प्रोग्राम के पांच हजार रुपये मिलते है। जबकि दीदी को छह हजार मिलते है। डांस के शौक और पैसा कमाने की जल्दी ने ही इन्हें देह व्यापार के दलदल में धंसाया है।
पैसा भी नहीं मिला
कहती है हमें कौन बुकिंग पर लाया ये मालूम नहीं और हमें अभी पैसा भी नहीं मिला है जब हम रिसोर्ट में नाचने को तैयार हुए थे तभी पुलिस की रेड पड़ी। रेड से पहले मुजरे के 15 शौकीन रिसोर्ट में थे।