योगेश के नेतृत्व वाली टीम ने किया सतोपंथ फतह
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सीमांत के युवा योगेश गर्ब्याल के नेतृत्व वाली टीम ने सबसे दुर्गम मानी जाने वाली सतोपंथ चोटी (7075 मीटर) पर चढ़ने में सफलता हासिल की है। अब यह दल मई 2017 में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पर जाएगा। ओएनजीसी के ओर से आयोजित माउंटेनियरिंग टीम में 150 युवाओं ने ट्रेेनिंग ली थी तथा कठिन प्रशिक्षण के बाद अंतिम 19 सर्वश्रेष्ठ पर्वतारोहियों को प्री-एवरेस्ट के नाम से प्रसिद्ध सतोपंथ चोटी पर आरोहण के लिए चयनित किया गया। दल ने एवरेस्ट विजेता पद्मश्री लवराज धर्मशक्तू के विशेष नेतृत्व में सतोपंथ चोटी पर 9 अक्तूबर को ओएनजीसी का झंडा फहराया।
टीम की अगुवाई कर रहे इंजीनियर योगेश गर्ब्याल ने फोन पर बताया कि ओएनजीसी ने माउंट एवरेस्ट अभियान-2017 के लिए प्री-एवरेस्ट अभियान कैंप का आयोजन किया था, इसमें दल ने ऋषिकेश, उत्तरकाशी, गंगोत्री, नंदनवन के बाद 4850 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वासुकी ताल में बेस कैंप स्थापित किया। अभियान के दौरान खराब मौसम एवं एवलांच के खतरे को देखते हुए दल को सीधे ही 6000 मीटर पर स्थित आधार कैंप से ही सतोपंथ की चढ़ाई करनी पड़ी। कई कठिनाइयों के बावजूद दल के सदस्यों ने सतोपंथ चोटी पर चढ़ने में सफलता हासिल की।
पिछले दिनों मनीला में आयोजित एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स में सर्वश्रेष्ठ कैडेट से नवाजे गए पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल ने कहा कि उत्तराखंड के सभी पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों में पर्वतारोहण की क्षमता है तथा इन प्रतिभाओं को मौका देकर देेश के लिए कई गौरवशाली अवसर बनाए जा सकते हैं। मूल रूप से धारचूला के गर्ब्यांग गांव निवासी योगेश इस समय ओएनजीसी देहरादून में कार्यरत हैं। अभियान दल में जगत राम ठाकुर, अमर नेगी, पीएस नेगी, निर्मल कुमार, एन जागी, सुरेंद्र तोमर, सुइन जरंगाल, सुरेंद्र प्रसाद, प्रभात गौरव शामिल थे।