फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Women's economy is improving with Local for Vocal

Pithoragarh News: लोकल फॉर वोकल से संवर रही महिलाओं की आर्थिकी

Sun, 10 Dec 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 10 Dec 2023 11:24 PM IST
विज्ञापन
Women's economy is improving with Local for Vocal
सरस बाजार के स्टॉल में स्थानीय उत्पादों की बिक्री करतीं जिला स्तरीय फेडरेशन की अध्यक्ष रेखा भट्
पिथौरागढ़। देहरादून में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इससे सीमांत की महिलाओं के हौंसले भी बुलंद हैं। यहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बने 4500 समूहों से 40 हजार महिलाएं जुड़ी हैं जो विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं।
विज्ञापन

जिले के आठों विकास खंडों में महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं। चार साल पूर्व तक यहां करीब एक हजार समूह निष्क्रिय हो गए थे। सभी समूहों का एक जिला स्तरीय फेडरेशन तैयार किया। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि उनके उत्पादों को बाजार मुहैया कराया जाएगा। इसके बाद निष्क्रिय समूह फिर सक्रिय हो गए।
विज्ञापन

फेडरेशन की अध्यक्ष रेखा भट्ट का कहना है कि महिलाएं पहाड़ी उत्पाद गहत, राजमा, भट, मसूर, लाल चावल, हल्दी, अदरक, मसाले से लेकर बड़ी, मडुवे के बिस्किट, ऐपन, डेयरी उत्पाद, रिंगाल और ऊन के उत्पाद, जूस, घी आदि तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों का विपणन सरस बाजार में किया जा रहा है। देहरादून और दिल्ली में लगने वाले सरस बाजार में यहां के उत्पादों की अच्छी मांग रहती हैं। फेडरेशन गढ़वाल से झिंगोरा, जखिया, जंबू, गंदरायण मंगाता है और उन्हें मुनस्यारी का राजमा भेजता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अध्यक्ष भट्ट का कहना है फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं घरेलू कार्य के साथ आजीविका संवर्द्धन में भी जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार साल में फेडरेशन के माध्यम से 40 लाख रुपये की बिक्री की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार के लोकल फॉर वोकल नारे से लोग पहाड़ी उत्पादों की ओर आकर्षित हुए हैं। फेडरेशन को दो साल में 3.50 लाख रुपये का फायदा हुआ है। यह धनराशि रिवाल्विंग फंड में है। समूह को जरूरत पड़ने पर इस धनराशि से उनकी मदद की जाएगी।

कोट:
जिला स्तरीय फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं आय सृजन का कार्य कर रही हैं। स्थानीय उत्पादों का सरस बाजार के माध्यम से विपणन किया जा रहा है। महिलाओं की आजीविका बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- आशीष पुनेठा, परियोजना अधिकारी डीआरडीए, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed