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सड़क और स्वास्थ व्यवस्थाओं की कमी से फिर चली गई एक महिला की जान
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बसंती देवी फाइल फोटो
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुई कनार गांव की एक और महिला ने समय पर इलाज नहीं मिलने से दम तोड़ दिया। गांव में सड़क सुविधा न होने से ग्रामीण उसे 15 किमी दूर बरम तक डोली में लाए। इसमें चार घंटे लग गए और समय पर उपचार नहीं मिलने से महिला की रास्ते में ही मौत हो गई। एक तरफ सरकार राज्य में विकास के दावे करती है दूसरी तरफ देखें तो स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधा तक वह राज्य के गांवों में नहीं पहुंचा सकी है।
कनार गांव निवासी बसंती देवी (45) पत्नी चंद्र सिंह शनिवार को दिन में घास काट रही थी। इसी दौरान पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अस्पताल और सड़क नहीं होने से घायल बसंती देवी को गांव के लोग डोली में 15 किलोमीटर पैदल बरम तक लाए। इस दौरान उबड़ खाबड़ रास्तों पर चार घंटे से अधिक का समय लग गया। उपचार मिलने में देरी के कारण बसंती देवी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद राजस्व पुलिस ने शव का पंचनामा भरा। रात में ही ग्रामीण महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय लाए। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मेतली की जिला पंचायत सदस्य गंगोत्री दताल ने इस घटना पर दुख जताते हुए मृतका के परिजनों को ढाढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि कनार क्षेत्र में अभी तक स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं है। सड़क न होने से बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को डोली में बिठाकर 15 किमी दूर बरम लाना पड़ता है। गंभीर रूप से बीमार लोग रास्ते पर ही दम तोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सड़क और स्वास्थ्य केंद्र की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
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कनार गांव निवासी बसंती देवी (45) पत्नी चंद्र सिंह शनिवार को दिन में घास काट रही थी। इसी दौरान पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अस्पताल और सड़क नहीं होने से घायल बसंती देवी को गांव के लोग डोली में 15 किलोमीटर पैदल बरम तक लाए। इस दौरान उबड़ खाबड़ रास्तों पर चार घंटे से अधिक का समय लग गया। उपचार मिलने में देरी के कारण बसंती देवी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बाद राजस्व पुलिस ने शव का पंचनामा भरा। रात में ही ग्रामीण महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय लाए। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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मेतली की जिला पंचायत सदस्य गंगोत्री दताल ने इस घटना पर दुख जताते हुए मृतका के परिजनों को ढाढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि कनार क्षेत्र में अभी तक स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं है। सड़क न होने से बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को डोली में बिठाकर 15 किमी दूर बरम लाना पड़ता है। गंभीर रूप से बीमार लोग रास्ते पर ही दम तोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सड़क और स्वास्थ्य केंद्र की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
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