फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Woman Killed By Leopard in Siroli

तेंदुए ने सिरोली गांव में पांचवी महिला को बनाया अपना शिकारी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Mar 2021 11:32 PM IST
विज्ञापन
Woman Killed By Leopard in Siroli
कनालीछीना क्षेत्र के मछनियार क्षेत्र में तेंदुए की तलाश करती वन विभाग की टीम। - फोटो : PITHORAGARH
कनालीछीना/पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड के सिरोली गांव में तेंदुए ने एक महिला को मार डाला। उसका क्षत विक्षत शव घर से डेढ़ किमी दूर जंगल में मिला।
विज्ञापन

सिरोली गांव निवासी 70 वर्षीय तुलसी देवी पत्नी स्व. चंद्र सिंह रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अपने घर के पास गडार नामक स्थान से लकड़ियां लेने गई थी।
करीब ढाई घंटे बाद भी जब घर नहीं लौटी तो 30 वर्षीय बेटे राजेंद्र सिंह ने रात आठ बजे पड़ोसियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने महिला की तलाश शुरू की।
घर के पीछे ही महिला का खून से सना सिर का कपड़ा और खून के निशान मिले। इसलिए हमले की आशंका जताकर ग्रामीणों ने खोज तेज कर दी। काफी खोजबीन के बाद रात साढ़े दस बजे 500 मीटर की दूरी पर महिला शव मिला। रात में ही शव पिथौरागढ़ लाया गया।
विज्ञापन

सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद लोग डरे सहमे हैं। तेंदुए को मारने में हो रही देरी के कारण क्षेत्र के लोगों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिथौरागढ़ जिले में 10 लोगों को मार चुके हैं तेंदुए
पिथौरागढ़। जिले में पिछले छह माह के भीतर तेंदुए नौ लोगों को मार चुके हैं। इनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। तेंदुए के हमले में मृत पांच महिलाओं में से तीन महिलाएं देवलथल, दो कनालीछीना, एक पिथौरागढ़ की महिला शामिल है।
दो किशोरियों और एक युवक को तेंदुओं ने निवाला बनाया जबकि नेपाली मूल के 10 साल के बच्चे को गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
गैस रिसाव के कारण बेटा, बहू और नाती की हो चुकी थी मौत
कनालीछीना। तुलसी देवी की मौत से इस परिवार पर एक बार फिर विपत्ति आ गई है। दस वर्ष पूर्व तुलसी देवी का बड़ा बेटा तनुज सिंह, बहू और पोते की अंगीठी की गैस लगने से मौत हो गई थी।
इस घटना के दो वर्ष बाद तुलसी देवी के पति चंद्र सिंह का भी देहांत हो गया। परिवार में हुई इस त्रासदी के बाद तुलसी देवी का छोटा बेटा राजेंद्र सिंह जैसे-तैसे परिवार चला रहा था लेकिन तेंदुए के हमले में बूढ़ी मां के मारे जाने से परिवार पर दोबारा संकट आ गया।
दो से तीन तेंदुए होने की आशंका
कनालीछीना। ग्रामीणों ने क्षेत्र में दो-तीन तेंदुए होने की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या अधिक है। ऐसे में तेंदुए को मारने के लिए अधिक शिकारियों की जरूरत है। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए को उसके शावकों के साथ देखा गया है। इससे खतरा बढ़ गया है। बच्चों के भोजन के लिए तेंदुए आसान शिकार के साथ ही लोगों पर भी लगातार हमला कर रहे हैं।
तेंदुआ मार दो शिकारी जी, फिर स्कूल जाएंगे
कनालीछीना। कनालीछीना विकासखंड में 18 जनवरी को तेंदुए ने बजेता में एक महिला पर हमला कर उसे मार डाला था। सिरोली गांव के 50 बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को मारने की अपील की है। घटना के बाद कापड़ीगांव, ख्वांतड़ी, सुरौण, पाली, बजेता के 50 से अधिक बच्चे 15 दिन से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
उन्हें गांव से कनालीछीना में स्थित जीआईसी, मदर पब्लिक स्कूल, शिशु मंदिर, प्राइमरी पाठशाला अध्ययन के लिए आना पड़ता है। घटना के बाद से सभी स्कूली बच्चे घरों में कैद होकर सिर्फ तेंदुए के मारे जाने का इंतजार कर रहे हैं। लोग भी जरूरी काम के लिए ही बाजार आ रहे हैं। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
तेंदुए के डर से लोगों ने बेच दिए मवेशी
कनालीछीना। विकासखंड में तेंदुए की दहशत के बाद ग्रामीणों ने कई मवेशी भी बेच दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आदमखोर तेंदुए के डर के कारण मवेशियों को जंगल नहीं ले जा पा रहे हैं। जंगल जाकर उनके लिए घास भी नहीं ला पा रहे हैं। तेंदुए के आतंक के कारण जानवरों को घर के बाहर भी नहीं बांध सकते हैं। ऐसे में मवेशियों को बेचना ही बेहतर है। कनालीछीना निवासी हरीश सिंह ने अपनी गाय और प्रदीप सिंह ने अपनी भैंस पीपली निवासी जमन सिंह को बेच दी है।
मछनियार में दिखा तेंदुआ
कनालीछीना। ग्रामीणों ने तेंदुए को मछनियार स्थित एक गुफा में देखा। ग्रामीणों को गुफा के अंदर से गुर्राने की आवाजें आईं। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही तेंदुआ वहां से जा चुका था। वन विभाग की टीम को लोगों को आक्रोश का सामना करना पड़ा।
वनरक्षक सलमान खान ने बताया कि सूचना के बाद देर तक बताए स्थान पर गश्त की, लेकिन तेंदुआ नहीं दिखाई दिया। तेंदुआ बिशुनाखान, उनपानी, अस्कोड़ा में कई बार देखा जा चुका है। अस्कोड़ा के प्रधान भगवान सिंह भंडारी ने बताया कि सूचना देने के बाद भी टीम समय पर नहीं पहुंची और दूसरे स्थान को चली गई।
कनालीछीना में की जाए शिकारी की व्यवस्था
कनालीछीना। ग्रामीणों ने कहा कि शिकारी और वन विभाग के रहने की व्यवस्था कनालीछीना में की जाए जबकि वन विभाग ने इनके रहने की व्यवस्था 20 किमी दूर ओगला में की है। टीम को अगर तेंदुए की सूचना दी जाती है तो उसे घटनास्थल तक पहुंचने तक ढाई घंटे लगते हैं। यदि ढिलाई बरती गई तो तेंदुए फिर किसी को मार सकता है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कनालीछीना में दिया धरना
कनालीछीना। सिरोली में तेंदुए के हमले से आक्रोशित लोगों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वन विभाग का सुस्त रवैया जानलेवा साबित हो रहा है। कहा अगर तेंदुए को जल्द नहीं मारा गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सिरोली के ग्रामीणों ने सोमवार को कनालीछीना बाजार में एकत्र होकर वन विभाग के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। वन विभाग को वन कर्मियों की संख्या बढ़ानी चाहिए। ताकि लोग दहशत वाले क्षेत्रों में खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। वन विभाग को शिकारियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए।
एक शिकारी तेंदुए का शिकार करने में अक्षम है। लोगों ने कहा कि पहले तो तेंदुआ रात में दिखता था, लेकिन अब दिन में भी दिखाई देने लगा है। उन्होंने वन विभाग से ड्रोन कैमरे से तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखकर उसे मारने की मांग की है।
कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन में दीपक भंडारी, विकास सामंत, भूपेंद्र सामंत, कुशल कुमार, त्रिलोक सिंह, जमन सिंह, प्रदीप सिंह, दीपक सिंह आदि रहे।
क्षेत्र में तीन से चार तेंदुए होने की आशंका है। वन विभाग को ठोस रणनीति बनाई जाए। जिससे तेंदुए को जल्द मारा जा सके। विभाग के सुस्त प्रणाली के कारण लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं।
-हरीश कोहली, भाजपा मंडल अध्यक्ष
तेंदुए के आतंक के बाद लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। डर के साये में लोग घरों में कैद हो गए हैं। बजेता की घटना के बाद वन विभाग की टीम के हाथ खाली हैं।
-मनोज सिरोला, ग्राम प्रधान
वन विभाग को कनालीछीना क्षेत्र में मचान लगाकर तेंदुए पर नजर रखनी चाहिए। 20 किमी दूर ओगला में शिकारी और वन विभाग की टीम का कोई काम है। ऐसे में तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
-जसुली देवी, रीठगर
तेंदुए के डर के कारण मवेशियों के लिए चारा लाना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। वन विभाग की टीम के आने से पहले ही तेंदुआ मौके से दूर चला जाता है।
-दीपा सामंत, ग्रामीण
पहाड़ी क्षेत्रों में तेंदुओं का आतंक बढ़ना चिंताजनक है। गांवों से बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है। ऐसे में तेंदुए गांव की ओर रुख कर रहे हैं। तेंदुए मवेशियों और इंसानों पर हमला कर रहे हैं। जंगलों में लगने वाली आग और तेंदुओं के भोजन का अवैध शिकार इन बढ़ती घटनाओं के लिए जिम्मेदार है। तेंदुए के हमले में मृतका के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

- एनसी पंत, एसडीओ वन विभाग, पिथौरागढ़।

पिथौरागढ़ पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृत महिला के पीएम के दौरान मौजूद लोग।

पिथौरागढ़ पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृत महिला के पीएम के दौरान मौजूद लोग।- फोटो : PITHORAGARH

कनालीछीना में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते लोगा।

कनालीछीना में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते लोगा।- फोटो : PITHORAGARH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed