{"_id":"5884e2334f1c1b701bf00780","slug":"will-angry-mrtolia-27-nominations","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाराज मर्तोलिया 27 को करेंगे नामांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाराज मर्तोलिया 27 को करेंगे नामांकन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 22 Jan 2017 10:17 PM IST
विज्ञापन
जगत मर्तोलिया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला विधानसभा सीट से वीरेंद्र सिंह पाल को भाजपा का टिकट देने से नाराज जगत मर्तोलिया ने 27 जनवरी को नामांकन करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन प्रक्रिया पूर्ण करेंगे। अब पार्टी को तय करना है कि वह चुनाव का सिंबल किसको देती है। उन्होंने यह भी कहा कि सिंबल नहीं मिलने पर वह निर्दलीय मैदान में उतरेंगे। अब चुनाव मैदान से पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद से नाराज भाजपा नेता जगत मर्तोलिया चार दिनों तक धारचूला और मुनस्यारी के भ्रमण पर थे। रविवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी पदाधिकारी, आम कार्यकर्ता और जनता चाहती है कि वे भाजपा से चुनाव लडे़ं, इसलिए वह नामांकन पत्र भी भाजपा प्रत्याशी के रूप में खरीदेंगे और नामांकन पत्र भी इसी रूप में जमा करेंगे। मर्तोलिया ने कहा कि अभी केवल भाजपा ने प्रत्याशी घोषित किया है, लेकिन सिंबल किसी को भी नहीं दिया है। पार्टी का अधिकार है कि वह सिंबल देने के बाद भी निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर अपना सिंबल बदलवा सकती है। निर्वाचन नियमावली में इसका प्रावधान है। भाजपा नेता ने बताया कि अब गेंद पार्टी के पाले में है। पार्टी नेतृत्व को तय करना है कि धारचूला विधानसभा सीट से मर्तोलिया या पाल में से कौन भाजपा के सिंबल पर जनता के बीच होगा।
विज्ञापन
उन्होंने पार्टी नेतृत्व से यह अपील भी की कि वह अब भी धारचूला विधानसभा सीट पर सर्वे करा ले। उनका दावा है कि सर्वे में उनका नाम सबसे ऊपर होगा। उन्होंने कहा कि दस वर्षों से इस विधानसभा में आम जनता के बीच रहने और लगातार जनता के लिए संघर्ष करने के बाद पार्टी ने उनके साथ अन्याय किया है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर कोई भी प्रत्याशी इस विधानसभा क्षेत्र के सर्वाधिक गांवों के नाम खुले मंच से उनसे अधिक गिना देगा तो वे राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने दावा किया कि वे निर्दलीय चुनाव लड़कर चुनाव जीतने का जनाधार रखते हैं। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को इन सभी संभावनाओं पर विचार करना चाहिए।
विज्ञापन