{"_id":"5711191f4f1c1bbe0e4a6b56","slug":"wildfire-gaushale-reached-five-animal-burns","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंगल की आग गौशाले तक पहुंची, पांच जानवर जले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंगल की आग गौशाले तक पहुंची, पांच जानवर जले
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 15 Apr 2016 10:09 PM IST
विज्ञापन
जानवर जले
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सौनगांव में बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद जंगल की आग आबादी तक पहुंच गई और उसने एक गरीब के गौशाले को चपेट में ले लिया। गौशाला में लगी आग से पांच जानवर जिंदा जल गए। राजस्व विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह घटनास्थल का मुआयना किया और नुकसान का आकलन कर तहसीलदार को रिपोर्ट भेज दी है।
विज्ञापन
राजस्व निरीक्षक भरत शाही और उपनिरीक्षक प्रकाश कापड़ी ने बताया कि सौनगांव के पास के जंगल में बृहस्पतिवार की शाम से आग लगी थी। रात में आग ने इतना प्रचंड रूप ले लिया कि वह आधी रात को गांव तक पहुंच गई। उसी दौरान आग ने रेखा देवी पत्नी विक्रम सिंह के गौशाले को चपेट में ले लिया। यह गौशाला आवासीय भवन से थोड़ा हटकर बना था। रात में गौशाला पूरी तरह जल गई और उसमें बंधी दो दुधारू गाय, दो गाभिन गाय और एक बछड़ा जलकर मर गए। लोगों ने रात में आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन
राजस्व टीम ने शुक्रवार सुबह ग्राम प्रधान अशोक सिंह एवं अन्य ग्रामीणों की मदद से जानवरों के शव गौशाला से बाहर निकाले। राजस्व उपनिरीक्षक प्रकाश कापड़ी ने बताया कि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और पशुपालन कर अपनी आजीविका चलाता है। सभी जानवर एक साथ मरने से उसके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उधर, आबादी तक पहुंचने के बाद जंगल की आग खुद ही बुझ गई।
विज्ञापन
कई जंगल फिर से आग की चपेट में
पिथौरागढ़/कनालीछीना/नाचनी (पिथौरागढ़)। कनालीछीना और नाचनी क्षेत्र में लगभग सभी जंगलों में आग लग गई है। इन इलाकों में चीड़ के जंगल ज्यादा हैं। गर्मी पड़ते ही चीड़ की पत्तियां (पिरूल) गिरने लगती हैं। जिला मुख्यालय के पास ऐंचोली के थलकेदार की तलहटी में भी शुक्रवार सुबह आग लग गई। वन विभाग की टीम आग लगने की सूचना मिलते ही मौके को रवाना हो गई है। इस बार तापमान बढ़ने और लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण लगभग सभी जंगलों में आग का खतरा मंडरा रहा है। पहली बार उच्च हिमालयी क्षेत्र के जंगलों में भी आग लगी है। वन विभाग के नियंत्रण कक्ष के अनुसार सभी संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारी तैनात किए गए हैं और स्थानीय लोगों का सहयोग मांगा जा रहा है।
कानीधूरा गांव तक भी पहुंची जंगल की आग
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। घनधूरा जंगल की आग अब विकराल होने लगी है। घनधूरा के उच्च भाग में लगी आग अब घनधूरा जंगल के निचले भाग में बसे कानीधूरा गांव की सरहद तक आ पहुंची। कानीधूरा के वार्ड मेंबर इंद्र सिंह धानकी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम घनधूरा जंगल में लगी आग उनके गांव के पास तक पहुंच गई। इसकी जानकारी मिलते ही गांव की महिलाएं और बच्चे आग को बुझाने में लग गए। रात 10 बजे तक किसी तरह गांव के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। वन विभाग अस्कोट के रेंजर केआर टम्टा ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग की टीमें गठित की गई हैं, लेकिन अराजक तत्व और शिकारी लगातार घनधूरा रेंज में आग लगा रहे हैं।