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वाई फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस योजना से कोई भी व्यक्ति खोल सकता है डेटा सेंटर
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Wi fi in Pithauragarh
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पिथौरागढ़। पीएम वाणी और मोबाइल टावर उत्सर्जन विषय पर शनिवार को पिथौरागढ़ में कार्यशाला हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस योजना में 1990 के दशक में वॉइस कॉल के लिए खोले गए पीसीओ, एसटीडी बूथ के तर्ज पर हाईस्पीड डेटा एक्सेस के लिए देश के कोने-कोने में वाईफाई डेटा सेंटर की परिकल्पना की गई है। कोई भी व्यक्ति इन डेटा सेंटरों को अपनी दुकान में कम निवेश कर बिना किसी लाइसेंस या पंजीकरण के खोल सकता है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रोजगार सृजन होगा।
इस कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि मोबाइल टावर उत्सर्जन वॉइस सेवा की अच्छी गुणवत्ता और उच्च गति डाटा सुनिश्चित करने के लिए अधिक संख्या में मोबाइल टावर की जरूरत होती है। विकिरण के डर से मोबाइल टावरों की स्थापना के खिलाफ विरोध नहीं करना चाहिए। कार्यशाला में टावर विकिरण के आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया। वक्ताओं ने कहा कि मोबाइल टावरों के एंटीना से उत्सर्जन बेहद न्यूनतम स्तर का होता है। इसका मानव शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
उत्सर्जन स्तर हमेशा दूरसंचार विभाग ने निर्धारित सीमा से नीचे रखा जाता है। भारत में यह सीमा विश्व आयोग की ओर से निर्धारित मानक से 10 गुना कम है। डब्ल्यूएचओ ने किए गए वैज्ञानिक अध्ययनों में निष्कर्ष निकाला गया है कि मोबाइल टावर उत्सर्जन के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभावों का कोई सबूत नहीं मिला है। भारत में कई उच्च न्यायालयों ने इस तथ्य को स्वीकार किया है। मोबाइल एंटीना के शुरू होने से पहले, उत्सर्जन स्तर को निर्धारित सीमा के अनुपालन के लिए जांचा जाता है। भारतीय क्षेत्र में विदेशी सिम कार्ड की ओर से अनधिकृत रूप से उपलब्ध विदेशी मोबाइल सिग्नल से दूरसंचार सेवा कॉल, एसएमएस, इंटरनेट एक्सेस का उपयोग भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 का उल्लंघन है। इस तरह के कृत्यों में शामिल व्यक्ति भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 और अन्य लागू अधिनियम नियम के प्रावधानों के अनुसार दंड के भागी होंगे। गैरकानूनी विदेशी सिम का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है। कार्यशाला में उपमहानिदेशक एके वर्मा, बीएसएनएल और जन सेवा केंद्र के अधिकारी और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर, उद्यमी मौजूद रहे।
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पिथौरागढ़ के 28 गांवों में जल्द लगेंगे मोबाइल टावर
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले के 28 गांवों में जल्द मोबाइल टावर लगेंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों में दूरसंचार व्यवस्था को सुधारने के लिए दूरसंचार विभाग ने यूएसओएफ के माध्यम से दूरसंचार सेवाओं से वंचित गांवों में टावर लगाने की योजना बनाई है। इसमें से लगभग 28 गांवों में टावर लगाने की मंजूरी मिल चुकी है। इन 28 गांवों में से पांच गांव जिप्ती, सिरखा, दर, बोना, कटियानी में लगे मोबाइल टावरों का परीक्षण किया जा रहा है। और अधिक टावर लगाने के लिए सर्वेक्षण भी किया जा रहा है।
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इस कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि मोबाइल टावर उत्सर्जन वॉइस सेवा की अच्छी गुणवत्ता और उच्च गति डाटा सुनिश्चित करने के लिए अधिक संख्या में मोबाइल टावर की जरूरत होती है। विकिरण के डर से मोबाइल टावरों की स्थापना के खिलाफ विरोध नहीं करना चाहिए। कार्यशाला में टावर विकिरण के आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया। वक्ताओं ने कहा कि मोबाइल टावरों के एंटीना से उत्सर्जन बेहद न्यूनतम स्तर का होता है। इसका मानव शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
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उत्सर्जन स्तर हमेशा दूरसंचार विभाग ने निर्धारित सीमा से नीचे रखा जाता है। भारत में यह सीमा विश्व आयोग की ओर से निर्धारित मानक से 10 गुना कम है। डब्ल्यूएचओ ने किए गए वैज्ञानिक अध्ययनों में निष्कर्ष निकाला गया है कि मोबाइल टावर उत्सर्जन के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभावों का कोई सबूत नहीं मिला है। भारत में कई उच्च न्यायालयों ने इस तथ्य को स्वीकार किया है। मोबाइल एंटीना के शुरू होने से पहले, उत्सर्जन स्तर को निर्धारित सीमा के अनुपालन के लिए जांचा जाता है। भारतीय क्षेत्र में विदेशी सिम कार्ड की ओर से अनधिकृत रूप से उपलब्ध विदेशी मोबाइल सिग्नल से दूरसंचार सेवा कॉल, एसएमएस, इंटरनेट एक्सेस का उपयोग भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 का उल्लंघन है। इस तरह के कृत्यों में शामिल व्यक्ति भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 और अन्य लागू अधिनियम नियम के प्रावधानों के अनुसार दंड के भागी होंगे। गैरकानूनी विदेशी सिम का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है। कार्यशाला में उपमहानिदेशक एके वर्मा, बीएसएनएल और जन सेवा केंद्र के अधिकारी और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर, उद्यमी मौजूद रहे।
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पिथौरागढ़ के 28 गांवों में जल्द लगेंगे मोबाइल टावर
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले के 28 गांवों में जल्द मोबाइल टावर लगेंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों में दूरसंचार व्यवस्था को सुधारने के लिए दूरसंचार विभाग ने यूएसओएफ के माध्यम से दूरसंचार सेवाओं से वंचित गांवों में टावर लगाने की योजना बनाई है। इसमें से लगभग 28 गांवों में टावर लगाने की मंजूरी मिल चुकी है। इन 28 गांवों में से पांच गांव जिप्ती, सिरखा, दर, बोना, कटियानी में लगे मोबाइल टावरों का परीक्षण किया जा रहा है। और अधिक टावर लगाने के लिए सर्वेक्षण भी किया जा रहा है।