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हालत बिगड़ने पर प्रशासन ने दो अनशनकारियों को उठाकर अस्पताल पहुंचाया
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डीडीहाट में अनशनस्थल से अनशनकारी को उठाकर ले जाती पुलिस।
- फोटो : PITHORAGARH
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डीडीहाट(पिथौरागढ़)। डीडीहाट जिले की मांग के लिए अनशन पर बैठे दो अनशनकारियों की हालत बिगड़ने पर तहसील प्रशासन ने उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनके स्थान पर दो और लोगों ने अनशन शुरू कर दिया है।
आमरण अनशन पर बैठे चंद्रशेखर कन्याल और पियूष वाल्मीकि के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आ गई थी। चंद्रशेखर का वजन सात किलो जबकि पियूष का पांच किलो वजन घट गया था। स्थिति को देखते हुए रविवार को मौके पर पहुंचे तहसील प्रशासन ने दोनों अनशनकारियों से उठने का अनुरोध किया। अनशनकारियों के इनकार करने पर पुलिस जवानों ने दोनों अनशनकारियों को उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। दोनों अनशनकारियों की जगह पर पंकज सिंह बोरा और कमलेश सिंह ने अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लवि कफलिया का कहना है कि जब तक डीडीहाट जिला नहीं बन जाता है आंदोलन जारी रखा जाएगा।
अस्कोट में बने प्रस्तावित डीडीहाट जिले का मुख्यालय
अस्कोट(पिथौरागढ़)। डीडीहाट जिले को समर्थन देते हुए अस्कोट क्षेत्र की जनता ने अस्कोट को प्रस्तावित जिले का मुख्यालय बनाने की मांग की है। डीडीहाट जिले के लिए चल रहे आंदोलन के समर्थन में व्यापार संघ अध्यक्ष टिकेंद्र पाल व्यापारियों और अन्य लोगों के साथ सोमवार को डीडीहाट के रामलीला मैदान स्थित धरना स्थल जाएंगे। क्षेत्र की जनता का कहना है कि अस्कोट राजशाही रही है। नंदराम ओझा, नरेंद्र सिंह पाल, प्रताप सिंह पाल, जीत बहादुर पाल सहित कई स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। राजनीतिक दलों ने केवल लोगों को छलने का काम किया है। राजशाही के विलय के बाद इसे एक छोटी प्रशासनिक इकाई तक इसे नहीं बनाया गया है।
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आमरण अनशन पर बैठे चंद्रशेखर कन्याल और पियूष वाल्मीकि के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आ गई थी। चंद्रशेखर का वजन सात किलो जबकि पियूष का पांच किलो वजन घट गया था। स्थिति को देखते हुए रविवार को मौके पर पहुंचे तहसील प्रशासन ने दोनों अनशनकारियों से उठने का अनुरोध किया। अनशनकारियों के इनकार करने पर पुलिस जवानों ने दोनों अनशनकारियों को उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। दोनों अनशनकारियों की जगह पर पंकज सिंह बोरा और कमलेश सिंह ने अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लवि कफलिया का कहना है कि जब तक डीडीहाट जिला नहीं बन जाता है आंदोलन जारी रखा जाएगा।
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अस्कोट में बने प्रस्तावित डीडीहाट जिले का मुख्यालय
अस्कोट(पिथौरागढ़)। डीडीहाट जिले को समर्थन देते हुए अस्कोट क्षेत्र की जनता ने अस्कोट को प्रस्तावित जिले का मुख्यालय बनाने की मांग की है। डीडीहाट जिले के लिए चल रहे आंदोलन के समर्थन में व्यापार संघ अध्यक्ष टिकेंद्र पाल व्यापारियों और अन्य लोगों के साथ सोमवार को डीडीहाट के रामलीला मैदान स्थित धरना स्थल जाएंगे। क्षेत्र की जनता का कहना है कि अस्कोट राजशाही रही है। नंदराम ओझा, नरेंद्र सिंह पाल, प्रताप सिंह पाल, जीत बहादुर पाल सहित कई स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। राजनीतिक दलों ने केवल लोगों को छलने का काम किया है। राजशाही के विलय के बाद इसे एक छोटी प्रशासनिक इकाई तक इसे नहीं बनाया गया है।
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