श्रमदान से होने लगी पेयजल योजना की मरम्मत
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एक जुलाई को आई आपदा ने कई गांव-मोहल्लों वालों को जख्म दिए हैं। इनमें से एक नगर पंचायत का लोदपट्टा मोहल्ला भी शामिल है। आपदा में यहां काफी नुकसान हुआ था। पेयजल लाइनें ध्वस्त हो गई थी, जिस समय आपदा आई तो इस तोक में रहने वाले 14 परिवारों ने डेढ़ माह के लिए अपने घर छोड़ दिए थे। कोई सरकारी मदद नहीं मिलने पर मोहल्ले में रहने वाले अपने घरों को लौटे आए, लेकिन उनके सामने पेयजल की सबसे बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। एकल योजना होने के कारण न तो जल निगम से और न जल संस्थान से कोई धनराशि नहीं मिल पाई। आखिरकार लोगों ने चंदा एकत्र कर इस ध्वस्त हुई योजना को फिर से श्रमदान कर बनाने का काम शुरू कर दिया है।
डीडीहाट-आदीचौरा मार्ग के पास बसी शिवा कालोनी के पास से लोदपट्टा मोहल्ले के लिए एकल पेयजल योजना का निर्माण किया गया था, जिसमें से मोहल्ले में रहने वाले सभी परिवारों के जल संयोजन थे। एक जुलाई को आई दैवी आपदा से यह पेयजल योजना पूरी तरह से टूट गई थी। आपदा के बाद से ही यहां रह रहे लोग पेयजल योजना को सही करने की मांग करने लगे थे। एकल योजना होने के कारण किसी भी विभाग ने इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी नहीं ली। इससे परेशान लोदपट्टा के लोगों ने धन एकत्र कर योजना को सही करने का निर्णय लिया और योजना को सही करने के लिए फिटर लगाए गए हैं।
लोदपट्टा के युवा स्वयं ही फिटरों के साथ काम में जुटे हैं। स्थानीय निवासी कैलाश मर्तोलिया ने बताया कि आपदा के बाद से यहां के लोग बारिश के पानी को उपयोग में ला रहे हैं। बताया गया कि आपदा के समय टूटी पाइप लाइन के कई पाइप चोरी हो गए हैं। इस कारण कुछ पाइप मोहल्ले वालों को खरीदने पड़ रहे हैं। जल संस्थान के ईई बिलाल यूनुस का कहना है कि एकल योजनाओं की देखरेख गांव के लोगों को खुद ही करनी होती है। विभाग के पास इन योजनाओं की मरम्मत के लिए पैसा नहीं होता है।