{"_id":"5a15afb24f1c1b59678bd7fb","slug":"water-line-accumulated-by-falling-temperature-in-nabhidang","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाभीढांग में तापमान गिरने से जम गई पानी की लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाभीढांग में तापमान गिरने से जम गई पानी की लाइन
अमर उजाला ब्यूरो, डीडीहाट(पिथौरागढ़)।
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:20 PM IST
विज्ञापन
नाभीढांग में बर्फ से जमी पेयजल लाइन को उठाते आईटीबीपी के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईटीबीपी की सबसे दुर्गम अग्रिम पोस्ट नाभीढांग में रात का तापमान शून्य से 20 डिग्री नीचे तक पहुंच रहा है। अग्रिम पोस्ट तक पेयजल की आपूर्ति के लिए बिछाई गई लाइन जम गई है। इस कारण नाभीढांग पोस्ट तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जवानों को बर्फ पिघलाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि दो दिन पूर्व उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुए हिमपात के बाद से तापमान में गिरावट आने लगी है। उन्होंने बताया कि नाभीढांग में शाम होते ही तापमान में भारी गिरावट आ रही है। कालापानी स्थित अग्रिम पोस्ट की भी यही स्थिति है। वहां पर रात का तापमान शून्य से 15 डिग्री नीचे जा रहा है।
ज्योलिंगकांग में इस समय काफी बर्फ गिर गई है। उन्होंने बताया कि पानी की आपूर्ति बंद होने के कारण दिन में उसे बर्फ से हटाकर धूप में रखा जाता है और पानी चलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ज्यादा ठंड के कारण पेयजल लाइन के फटने की संभावना रहती है। इस कारण रात के समय स्रोत से पानी की आपूर्ति बंद की जा रही है। यदि नलों में पानी नहीं होगा तो उनके जमने की संभावना भी कम रहेगी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इस बार ठंड का असर समय से पहले शुरू हो गया है। पिछले सालों तक पेयजल लाइन जमने की समस्या दिसंबर मध्य में आती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि दो दिन पूर्व उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुए हिमपात के बाद से तापमान में गिरावट आने लगी है। उन्होंने बताया कि नाभीढांग में शाम होते ही तापमान में भारी गिरावट आ रही है। कालापानी स्थित अग्रिम पोस्ट की भी यही स्थिति है। वहां पर रात का तापमान शून्य से 15 डिग्री नीचे जा रहा है।
विज्ञापन
ज्योलिंगकांग में इस समय काफी बर्फ गिर गई है। उन्होंने बताया कि पानी की आपूर्ति बंद होने के कारण दिन में उसे बर्फ से हटाकर धूप में रखा जाता है और पानी चलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ज्यादा ठंड के कारण पेयजल लाइन के फटने की संभावना रहती है। इस कारण रात के समय स्रोत से पानी की आपूर्ति बंद की जा रही है। यदि नलों में पानी नहीं होगा तो उनके जमने की संभावना भी कम रहेगी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इस बार ठंड का असर समय से पहले शुरू हो गया है। पिछले सालों तक पेयजल लाइन जमने की समस्या दिसंबर मध्य में आती थी।
विज्ञापन