Pithoragarh: घाट और भैंलोत योजना क्षतिग्रस्त होने से पानी संकट, आपदा से जल संस्थान को हुआ एक करोड़ का नुकसान
पिछले दिनों आई आपदा से घाट और भैंलोत पेयजल योजना को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे नगर के कुछ हिस्सों में पेयजल संकट बना हुआ है। आपदा से विभाग को एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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पिथौरागढ़ में पिछले दिनों आई आपदा से घाट और भैंलोत पेयजल योजना को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे नगर के कुछ हिस्सों में पेयजल संकट बना हुआ है। आपदा से विभाग को एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
घाट पेयजल पंपिंग योजना से प्रतिदिन ढाई से तीन एमएलडी और भैंलोत से आधा एमएलडी पानी मिलता है। नगर और ग्रामीण क्षेत्र के लिए करीब सात एमएलडी पानी की आपूर्ति आंवलाघाट पेयजल योजना से होती है। जल संस्थान के ईई सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि बीते दिन आंवलाघाट योजना से भी तकनीकी कारणों से पानी कम मिला। घाट में पेयजल योजना करीब 150 मीटर तक बह गई है। इग्यारदेवी, जामिरखेत, धारी धमौड़ में भी लाइन बही है।
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पहाड़ी से चार किमी पैदल चल कर लाइन को ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। घाट योजना को दुरुस्त होने में 15 दिन लग सकते हैं। भैंलोत में मलबा पाइप के अंदर घुस गया था। इस पेयजल योजना के शनिवार तक ठीक होने की संभावना है। योजना क्षतिग्रस्त होने से हनुमान मंदिर जोन की बड़ी आबादी को पेयजल किल्लत हो सकती है। शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी जोन में भी पानी की आपूर्ति नहीं होने से उपभोक्ता परेशान रहे। यहां शनिवार को आपूर्ति सुचारु हो पाएगी।
क्षतिग्रस्त 54 योजनाओं में से आठ अभी बंद
विगत दिनों आई आपदा से जल संस्थान की 54 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं। अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि अभी आठ योजनाएं घाट, भैंलोत, देवदार मर्सोली, नैनीभनार, जगतड़, बास्ते, तल्लीसार, गणकोट पूरी तरह बंद हैं। इग्यारदेवी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त चल रही है।