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पेयजल संकट से जूझ रहे हैं चहज क्षेत्र के कई गांव
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चहज, कलतिर, मनकोली, बड़ेना, ड्यूल में पांच हजार से अधिक की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। इसके बावजूद लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। लोग किसी तरह प्राकृतिक जल स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति करने को मजबूर हैं। इसके बाद भी सरकार और शासन-प्रशासन को लोगों का दर्द नजर नहीं आ रहा है।
चहज के लोग एक मात्र नौले के सहारे रहे गए हैं। चहज में एकमात्र पेयजल योजना है जो धूरा नामक स्थान से बनाई गई है। गर्मी शुरू होते ही योजना में पानी कम हो जाता है। शादी- ब्याह में ग्रामीण थाम गधेरे से पानी की आपूर्ति करते हैं। जल संस्थान का टैंकर कभी- कभार ड्यूल और चहज में आता है। दो माह पूर्व विधायक मीना गंगोला का जब ग्रामीणों ने घेराव किया था तो विधायक ने जल्द दो हैंडपंप लगाने की घोषणा की थी लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हो पाई है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता नवीन उप्रेती का कहना है कि चहज ही नहीं पूरे बेलपट्टी क्षेत्र में पेयजल ही सबसे बड़ी समस्या है। यदि पानी की समस्या का जल्द समाधान नहीं होता तो आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी। गृहिणी भावना जोशी का कहना है कि हमारा आधे दिन से ज्यादा समय पेयजल की आपूर्ति करने में लग जाता है। विधायक ने भी कोरा आश्वासन दिया। न ही हैंडपंप लगा, न पानी की समस्या का समाधान हो पाया।
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जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो विधानसभा चुनाव में इसका जवाब दिया जाएगा। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हयात सिंह का कहना है कि पेयजल आपूर्ति सुचारु न होने के कारण बहुत से लोगों ने गांव से पलायन कर दिया है।
क्वारंटीन परिवारों को उठानी पड़ रहीं मुश्किलें
गंगोलीहाट। बेलपट्टी के चहज क्षेत्र में पानी नहीं होने से क्वारंटीन परिवारों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। कोरोना संक्रमित मिलने के बाद चहज को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। जो परिवार क्वारंटीन हैं उन परिवारों के लिए नौले-धारों से पानी जुटाना भी मुश्किल हो गया है। जल संकट से जूझ रहे परिवारों ने प्रशासन से पानी की व्यवस्था करने की मांग की है। (संवाद)
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चहज के लोग एक मात्र नौले के सहारे रहे गए हैं। चहज में एकमात्र पेयजल योजना है जो धूरा नामक स्थान से बनाई गई है। गर्मी शुरू होते ही योजना में पानी कम हो जाता है। शादी- ब्याह में ग्रामीण थाम गधेरे से पानी की आपूर्ति करते हैं। जल संस्थान का टैंकर कभी- कभार ड्यूल और चहज में आता है। दो माह पूर्व विधायक मीना गंगोला का जब ग्रामीणों ने घेराव किया था तो विधायक ने जल्द दो हैंडपंप लगाने की घोषणा की थी लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हो पाई है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया है।
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सामाजिक कार्यकर्ता नवीन उप्रेती का कहना है कि चहज ही नहीं पूरे बेलपट्टी क्षेत्र में पेयजल ही सबसे बड़ी समस्या है। यदि पानी की समस्या का जल्द समाधान नहीं होता तो आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी। गृहिणी भावना जोशी का कहना है कि हमारा आधे दिन से ज्यादा समय पेयजल की आपूर्ति करने में लग जाता है। विधायक ने भी कोरा आश्वासन दिया। न ही हैंडपंप लगा, न पानी की समस्या का समाधान हो पाया।
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जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो विधानसभा चुनाव में इसका जवाब दिया जाएगा। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हयात सिंह का कहना है कि पेयजल आपूर्ति सुचारु न होने के कारण बहुत से लोगों ने गांव से पलायन कर दिया है।
क्वारंटीन परिवारों को उठानी पड़ रहीं मुश्किलें
गंगोलीहाट। बेलपट्टी के चहज क्षेत्र में पानी नहीं होने से क्वारंटीन परिवारों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। कोरोना संक्रमित मिलने के बाद चहज को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। जो परिवार क्वारंटीन हैं उन परिवारों के लिए नौले-धारों से पानी जुटाना भी मुश्किल हो गया है। जल संकट से जूझ रहे परिवारों ने प्रशासन से पानी की व्यवस्था करने की मांग की है। (संवाद)