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सड़क नहीं होने से सड़ रहीं सब्जियां

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 11:58 PM IST
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Vegetables rotting due to no road
मूनाकोट के बेलतड़ी में दिन धरने पर बैठे ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के छह गांव आजादी के 75 साल बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। सड़क नहीं होने से सब्जी और फल भी गांवों तक ही सीमित रह गए हैं। कई बार तो ये सब्जियां और फल सड़ जाते हैं। नाराज लोग बेलतड़ी गांव में 47 दिन से धरने पर बैठे हैं। शासन-प्रशासन की उपेक्षा के कारण ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ग्रामीण 12 नवंबर को पिथौरागढ़ आ रहे सीएम के सामने सड़क का मुद्दा रखेंगे।
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अशोकनगर- बेलतड़ी मोटर मार्ग पर अधूरा काम होने से छह गांवों का विकास रुक गया है। गांव के लोग बीमारों को पैदल खड़ी चढ़ाई पार कर मुख्य मार्ग तक लाते हैं। गांवों में होने वाले सब्जी-फल को बाजार नसीब नहीं है। गांवों के बच्चे पैदल चलने के कारण उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पा रहे हैं। राशि जारी होने के बाद भी सड़क का काम ठप हैं। सड़क के लिए धरने पर बैठीं सुनीता और जानकी भट्ट ने जल्द मांग पूरी करने की अपील की है। वहां बसंत भट्ट, गोपाल दत्त, राम सिंह, माधव भट्ट, मोहन राम, हरी दत्त आदि थे।
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अशोक चक्र विजेता बहादुर सिंह के गांव तक सड़क बनाने की मांग
पिथौरागढ़। पूर्व सैनिक संगठन ने बृहस्पतिवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात की। उन्होंने विभिन्न मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन दिया। पूर्व सैनिक ने शहीद अशोक चक्र विजेता बहादुर सिंह के गांव रावलगांव तक सड़क का निर्माण करने और पिथौरागढ़ में भर्ती कार्यालय खोलने की मांग की। उन्होंने जिले भर में शहीदों की याद में स्मृति पटल, स्मृति द्वार और विद्यालयों के नाम उनके नाम से रखने की मांग की। पूर्व सैनिकों ने सीएसडी कैंटीन और ईसीएचएस में दिक्कतों के बारे में भी मंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण और पुनर्वास कार्यालय में सैनिक कल्याण सहायक अधिकारी की नियुक्ति कुमाऊं मंडल से बाहर के पूर्व सैनिक की है जो कि कहीं ना कहीं कुमाऊं मंडल के पूर्व सैनिकों की काबिलियत पर सवालिया निशान खड़ा करता है। अगर कुमाऊं और गढ़वाल मंडल दोनों अलग-अलग बनाए गए हैं तो इनकी नियुक्ति भी इन्हीं मंडलों के आधार पर होनी चाहिए। वहां मेजर ललित सिंह, सूबेदार मेजर रमेश सिंह, कै. दयाल सिंह, चंदन जेठी, राजेंद्र जोशी आदि थे।
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