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अल्ट्रासाउंड के लिए दर-दर भटक रही हैं महिलाएं कब होगी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Dec 2021 01:15 AM IST
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Ultrasaund in Pithauragarh Hospital
जिला महिला अस्पताल। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। जिले के सबसे बड़े महिला अस्पताल में अब तक रेडियोलॉस्टि की नियुक्ति नहीं हो पाई है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि अब तक सत्ता में रहीं सरकारें हैं जो राज्य बनने के 21 साल बाद भी यहां रेडियोलॉजिस्ट का पद तक स्वीकृत नहीं करा पाईं। गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए दर-दर की ठोकरे खाने के लिए मजबूर हैं और उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। सीमांत जिले में तो स्वास्थ्य सुविधा खुद ही वेंटिलेटर पर है। लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन को सीमांत की महिलाओं का दर्द नहीं दिखता है।
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जिला महिला अस्पताल में पिछले कई सालों से अल्ट्रासाउंड मशीन पड़ी है। कुछ समय पहले यहां पर अस्थाई व्यवस्था में लोहाघाट से हफ्ते में एक बार रेडियोलॉजिस्ट आकर महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करते थे। इसके बाद पिथौरागढ़ के पूर्व सीडीओ डॉ. सौरभ गहरवार प्रशासनिक कार्यों से समय निकालकर अल्ट्रासाउंड करते थे। उनके स्थानांतरण के बाद जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड बंद हो गए। महिला अस्पताल प्रबंधन अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाली महिलाओं की पर्ची काटकर उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल भेज रहा है।
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जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट पिछले कुछ समय से बीमार हैं। वह दिन भर में 10 से 12 आपातकालीन अल्ट्रासाउंड ही कर पाते हैं। मजबूरन महिलाओं अल्ट्रासाउंड करने के लिए निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है, जिसकी वजह से उन्हें काफी दिक्कतें हो रही हैं। महिलाओं से प्राइवेट अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। गरीब परिवार की महिलाओं को महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने से सर्वाधिक दिक्कतें हो रही हैं। महिलाओं ने जल्द रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने की मांग की है।
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सरकारी अस्पताल में सुविधाएं नहीं, चांदी काट रहे हैं प्राइवेट अस्पताल
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी सेंटर और अन्य अस्पतालों में सुविधाएं नहीं होने से रोगी और तीमारदार परेशान हैं। वह मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। इसके बाद अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने और रिक्त पदों पर नियुक्ति करने को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
बोली विधायक-
सीमांत जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बेस अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया है। शीघ्र ही बेस अस्पताल संचालित हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
- चंद्रा पंत, विधायक पिथौरागढ़।
बोले विपक्ष के नेता-
भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो गई हैं। कांग्रेस सत्ता मे आते ही बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को ठीक किया जाएगा। बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है।

-मयूख महर, प्रदेश उपाध्यक्ष कांग्रेस।
बोले पीएमएस-
जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति को लेकर उच्च अधिकारियों को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। रोगियों को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए अस्पताल में मौजूद सारी सुविधाओं का लाभ रोगियों को दिया जा रहा है।
डॉ. केसी भट्ट, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।
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