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बारहमासी सड़क पर दो घंटे तक फंसे रहे वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:33 PM IST
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सड़क निर्माण के दौरान घाट और गुरना के बीच लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
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बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान घाट से गुरना के बीच शनिवार को चार स्थानों पर मलबा गिरने से वाहनों के पहिए दो घंटे तक जाम रहे। इन वाहनों से सैकड़ों लोग हल्द्वानी, अल्मोड़ा, टनकपुर, चंपावत, गंगोलीहाट, बरेली, दिल्ली को जा रहे थे। सुबह करीब नौ से 11 बजे तक इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से लोगों में गुस्सा था। उसके बाद अपरान्ह दो बजे और चार बजे भी थोड़ी-थोड़ी देर के लिए यातायात में व्यवधान आता रहा।
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बारहमासी सड़क के निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है। सड़क निर्माण के दौरान निकला सारा मलबा एनएच पर गिर रहा है। इस कारण रोज यातायात बाधित हो रहा है। शनिवार सुबह तो यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। यात्रियों का कहना है कि मलबा गिराने के लिए कोई समय तय होना चाहिए। ताकि यात्री और वाहन चालक उसी हिसाब से अपनी यात्रा का कार्यक्रम तय कर सकें।
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आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण के समय मलबा गिराने में मनमानी की जा रही है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यात्री वाहनों के साथ-साथ बारात की गाड़ियां और मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस रही हैं। पंचेश्वर घाटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज सिंह सामंत ने कहा कि इस मनमानी के खिलाफ वह प्रशासन को पत्र दे चुके हैं, लेकिन अब तक इस तरह के रवैये पर अंकुश नहीं लगा है। इधर, जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मलबा गिराते समय की जा रही मनमानी पर सख्त रुख अपनाया है और निर्माण एजेंसी तथा ठेकेदारों पर जुर्माना जुर्माना लगाने की बात कही है।
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कम से कम चार माह तक झेलनी होगी मुसीबत
घाट से पिथौरागढ़ तक 30 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण का काम अगले चार महीने में पूरा होगा। तब तक यात्रियों और वाहन चालकों को मुसीबत झेलनी पड़ेगी। अभी मुख्य स्थानों और चट्टानों के आसपास सड़क को काटने का काम शुरू नहीं हुआ है। यदि यह काम शुरू होता है तो लोगों को ज्यादा मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। पिथौरागढ़ को मैदानी शहरों से जोड़ने वाली यही मुख्य सड़क है।