आफत की बारिश: पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश से दो मकान ध्वस्त, मलबे से पटीं सड़कों पर आवाजाही ठप
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उत्तराखंड के कुमाऊं में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान मलबा आने से जहां तहां एक बार फिर सड़कें मलबे से पट गईं। कुमाऊं में करीब 22 सड़कें मलबे से बंद हैं ये सभी सड़कें समाचार लिखे जाने तक नहीं खोली जा सकीं थी।
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे धौन-स्वांला के बीच मलबा आने से बंद हो गया। चंपावत जिले में टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच के अलावा, धौन-सल्ली, सूखीढांग-डांडा-मीनार, डिग्री कॉलेज लोहाघाट-गंगनौला-नसखोला और किमतोली-रौसाल मोटर मार्ग भी बंद हैं। बागेश्वर जिले में सात सड़कें बंद हैं। इनमें तोली, धरमघर-मजखेत, शामा-लीती-गगोगिना, कपकोट-गैरखेत, ओखलीधार-पापो, शामा-तोली और कपकोट-शामा शामिल हैं। जिंतोली-सालखन्यारी सड़क पर दो स्थानों में मलबा आया था, जिसे हटा दिया गया है। थल-मुनस्यारी सड़क पर नया बस्ती और रातापानी में रुक रुककर मलबा गिर रहा है।
हालांकि, मलबा हटाने के लिए जेसीबी तैनात की गईं हैं। नाचनी में निर्माणाधीन राया-बजेता डुंगरी सड़क भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गई है। दो-दो मशीनें निर्माण स्थल पर होने के बावजूद सड़क का मलबा नहीं हटाने से ग्रामीणों को पैदल ही आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। पिथौरागढ़ जिले में 10 सड़कें बंद हैं। इनमें मदकोट-दारमा, पौड़ी घटकूना, बांसबगड़-कोटा प्रदंपाला, बांसबगड़-माणीधामी, कपकोट-सामा तेजम, नाचनी-भैंसकोट, तवाघाट-सोबला, तवाघाट- घट्टाबगड़, सोसा-सिरखा, अलकाथल- नैनादेवी। थल और गंगोलीहाट में दो मकान मूसलाधार बारिश के दौरान ध्वस्त हो गए। नदी और नालों का जल तर बढ़ने और पुल नहीं होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
गलातीगाड़ का जलस्तर बढ़ा, धामी गांव का पिथौरागढ़ से संपर्क कटा
धारचूला के गलाती गाड़ का जलस्तर बढ़ने से धामी गांव का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। गलाती जाजर में बने पुल पर नदी के रुख बदल लेने से 900 की आबादी का संपर्क धारचूला से कट गया है। मलबा से रीड़गाड़ में बंद है।
बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से बागेश्वर के 400 गांवों की बिजली गुल
सोमेश्वर से कौसानी को जोड़ने वाली बिजली लाइन पर चनौदा के पास पेड़ गिरने से कौसानी और गरुड़ क्षेत्र के 210 गांवों की बिजली गुल हो गई है। कपकोट क्षेत्र में बिजली की लाइन में फॉल्ट आने करीब 190 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। सरयू, गोमती काली गोरी आदि नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
हल्द्वानी में सड़कों, कॉलोनियों में जलभराव, घरों में घुसा गंदा पानी
मंगलवार सुबह से रूक-रूककर हो रही बारिश से भैरवगढ़ी और जोशी विहार के करीब 40 घरों में गंदा पानी घुस गया। कालाढूंगी रोड, ऑफिसर कालोनी, नैनीताल रोड सहित कई जगह जलभराव हुआ। गौला में सिल्ट आने से पेयजल किल्लत बढ़ गई है। देर शाम जलस्तर बढ़ने से सिंचाई विभाग ने गौला के सभी गेट खोल दिए। गौला में 265 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया गया। नैनीताल में हल्द्वानी-भवाली हाईवे स्थित भूमियाधार में तेज बारिश से एक घर की दीवार गिर गई। मल्लीताल रामसेवक सभा के सामने स्थित रेस्टोरेंट की छत क्षतिग्रस्त हो गई। भवाली-अल्मोड़ा एनएच पर लोहाली, भौर्या मोड़, पाडली, कैंची, काकड़ीघाट में रुक रुककर पत्थर गिरते रहे। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से रामनगर में धनगढ़ी नाले में दोनों तरफ बैरियर लगा दिए हैं।