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डीडीहाट योजना के दो पेयजल स्रोत सूखे
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:33 PM IST
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डीडीहाट में सूख चुका लेकमाल पेयजल स्रोत
- फोटो : अमर उजाला
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इस बार मौसम की प्रतिकूल स्थिति के कारण डीडीहाट नगर में समय से पहले ही पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नगर के लिए सात प्राकृतिक स्रोतों का पानी एकत्र कर बांटा जाता है, इनमें से दो स्रोत सूख गए हैं। अन्य पांच स्रोतों में भी पानी का स्तर 30 से 40 फीसदी तक कम हो गया है। लोग इस बात से आशंकित हैं कि इस बार उनको गर्मियों में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ जाएगा।
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डीडीहाट नगर के लिए 1970 से ही प्राकृतिक स्रोतों का पानी एकत्र किया जा रहा है। पहले सिर्फ तीन स्रोतों का पानी लाया जाता था। आबादी बढ़ने पर जल निगम ने चार अन्य स्रोतों का पानी योजना में शामिल किया। करीब 15 हजार की आबादी वाले इस नगर के लिए रोजाना 1.6 एमएलडी (लाख लीटर) पानी की रोजाना जरूरत होती है, लेकिन इस समय सिर्फ 1.1 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। इस कारण जल संस्थान ने अब नगर में सिर्फ एक बार पानी वितरण की व्यवस्था लागू कर दी है। बताया गया है कि लेकमाल और घिमाली स्रोत लगभग सूख चुके हैं। इनसे पानी प्राप्त नहीं हो रहा है।
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पांच अन्य स्रोतों में पानी का स्तर कम हो गया है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि यदि बारिश नहीं होती तो इस बार फरवरी से ही टैंकरों से पानी बांटना पड़ेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि नगर की जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। नगर में शीतकाल में ही पेयजल का संकट गहराने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ने लगी है। लोगों को इस समय ही पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
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लिफ्ट योजना का काम सात साल में भी पूरा नहीं
डीडीहाट नगर के लिए थल रामगंगा से बन रही लिफ्ट पेयजल योजना का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। धन की कमी से पिछले एक साल से योजना का काम रुका है। पिछली सरकार में भी योजना के लिए धन की कमी रही। नई सरकार बनने के बाद भी योजना के लिए धन की व्यवस्था नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि 2011 से निर्माणाधीन इस पेयजल योजना को पूरा करने में सरकार का कोई ध्यान नहीं है।