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मलबे से पटी दो पेयजल योजनाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 13 Apr 2018 10:34 PM IST
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चरमा में मलबे से क्षतिग्रस्त पेयजल योजना
- फोटो : अमर उजाला
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मलबा आने से कनालीछीना की गैंडाली चर्मा और बगना शक्तिपुर पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीणों को तीन किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। जल संस्थान क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत में जुटा है।
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पिछले दिनों हुई बारिश के चलते गधेरों में भारी मलबा आने से चर्मा और शक्तिपुर की पेयजल योजनाएं ठप हो गई। इन योजनाओं के चैंबरों में मलबा घुस गया। कच्ची लाइनें उखड़ गई। इससे गांवों में आपूर्ति बाधित हो गई। इधर, ग्रामीणों की सूचना पर जल संस्थान ने क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत में जुट गया। शुक्रवार को मजदूरों की मदद से चैंबर और आसपास का मलबा हटाया गया। देर शाम तक मरम्मत का काम चलता रहा। ईई विशाल कुमार ने बताया कि शनिवार से योजनाओं से आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
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गर्खा, सिंगाली में पेयजल संकट
पिथौरागढ़। डीडीहाट के ग्रामीण क्षेत्र गर्खा, सिंगाली में पेयजल संकट गहरा गया है। नलों में पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। शुक्रवार को जल संस्थान ने प्रभावित गांवों में पिकअप वाहन के माध्यम से पानी बांटा। यहां पानी भरने के लिए ग्रामीणों की कतार लगी रही। हालांकि ग्रामीणों की मांग को देखते हुए वैकल्पिक आपूर्ति नाकाफी रही। ईई ने बताया कि पेयजल स्रोतों का डिस्चार्ज घटने से कमी आई है। इससे गांवों में आपूर्ति नहीं हो पाई।
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