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पुरानी पुलिया में बीम डालकर लीपापोती की कोशिश

Sat, 08 Oct 2016 10:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली Updated Sat, 08 Oct 2016 10:48 PM IST
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Trying to cover up the beam and put the old culvert
गणाईगंगोली के सलिया में अब ऐसा बना है नया पुल - फोटो : अमर उजाला

जिला पंचायत ने सलिया पुलिया घपलेबाजी को दबाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। नालीनुमा पुलिया में बीम डाल दिया है। पहले पुलिया में बीम नहीं था। मुख्य विकास अधिकारी ने पुलिया घपलेबाजी के लिए जांच टीम गठित कर रखी है। नियत समय पर जांच रिपोर्ट न सौंपने से नाराज प्रभारी डीएम ने सोमवार तक रिपोर्ट पेश न होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। 

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अमर उजाला ने 17 अगस्त के अंक में सलिया की पुलिया घपलेबाजी को प्रकाशित किया था। 15 लाख लागत की पुलिया के निर्माण में जिला पंचायत ने घपलेबाजी के सारे रिकार्ड तोड़ डाले हैं। गधेरे में बनी पुलिया को बगैर बीम का मात्र तीन चौड़ा बना दिया गया। दो लाख भी खर्च नहीं हुए और जिला पंचायत के अभियंताओं ने 8.60 लाख रुपये की एमबी कर ठेकेदार को भुगतान कर दिया। अखबार में खबर छपने के बाद सरकारी अमला सक्रिय हुआ। 27 अगस्त को मुख्य विकास अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने सलिया की पुलिया घपलेबाजी की जांच के लिए टीम का गठन कर दिया। जांच टीम में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी जेपी आर्या के साथ ही दो अन्य विभागों के इंजीनियर शामिल थे। 
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सीडीओ ने एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की थी, लेकिन एक माह बाद भी जांच रिपोर्ट उनको नहीं मिली है। इस बीच पुलिया घपलेबाजी मामले को दबाने के प्रयास जरूर हुए। जिला पंचायत ने जांच विचाराधीन होने के दौरान सलिया की पुलिया को छह फीट चौड़ा बना दिया है। बीम डाल दिया है। इन दिनों डीएम का प्रभार सीडीओ चौहान के पास है। लीपापोती के प्रयास के संबंध में जब प्रभारी डीएम से बात की गई तो उनका कहना था कि जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी की जा रही है। प्रभारी डीएम ने कहा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी से सोमवार तक रिपोर्ट तलब की गई है। सोमवार को रिपोर्ट नहीं मिली तो अपर मुख्य अधिकारी के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। संबंधित एसडीएम से जांच कराई जाएगी।

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