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Pithoragarh News: बेटी पढ़ाओ के दावे हवाई, शिक्षकों की कमी से तीन साल में 97 छात्राओं ने छोड़ा विद्यालय

Thu, 27 Aug 2026 12:50 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 27 Aug 2026 12:50 AM IST
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Claims regarding 'Educate the Girl Child' ring hollow; 97 female students dropped out of school over three years due to a shortage of teachers.
डीडीहाट(पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में बेटी पढ़ाओ अभियान को पलीता लग रहा है। डीडीहाट विकासखंड का एकमात्र राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इसका प्रमाण है। यहां पढ़ने वाली छात्राएं बगैर गुरु के ज्ञान लेकर अपने सुनहरे भविष्य के सपने बुनने के लिए मजबूर हैं। शिक्षकों की कमी से बीते तीन साल में 97 छात्राओं ने स्कूल छोड़ दिया। विद्यालय में विज्ञान और कला वर्ग के छह प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। यहां तक कि छात्राओं को विज्ञान का ज्ञान देने के लिए गुरु भी नहीं है।
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जीजीआईसी डीडीहाट में प्रवक्ताओं के छह पद खाली हैं। इंटर की कक्षाओं में विज्ञान वर्ग में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों में प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। वही कला वर्ग में राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, हिंदी, संस्कृत विषयों का ज्ञान देने के लिए गुरु नहीं हैं। इंटर की छात्राओं को पढ़ाने के लिए हाईस्कूल के शिक्षकों की मदद ली जा रही है। ऐसे हालात में छात्राओं को विद्यालय छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। तीन साल पहले इस विद्यालय में छात्रसंख्या 249 थी। वर्तमान में छात्रसंख्या सिर्फ 152 रह गई है। छात्रसंख्या कम होने के पीछे शिक्षकों की कमी है। अभिभावक पुष्कर सिंह, सुरेंद्र डसीला, रमेश राम आदि का कहना है कि इंटर की छात्राएं खुद पढ़कर बोर्ड की परीक्षाएं दे रही हैं। शिक्षा विभाग विद्यालय में प्रवक्ताओं की तैनाती पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से विद्यालय में प्रवक्ताओं के पद रिक्त होने के बवजूद तैनाती के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में स्कूल में छात्राओं की संख्या लगातार घट रही है।
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प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त
जीजीआईसी में प्रधानाचार्य का पद भी लंबे समय से रिक्त है। प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे विद्यालय का संचालन हो रहा है। वरिष्ठ प्रवक्ता को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार देने से उन्हें विद्यालयी कार्य करने पड़ रहे हैं। पढ़ाने के लिए समय न देने से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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प्रवक्ताओं की कमी का असर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। प्रवक्ताओं की कमी को पूरा करने के लिएलगातार उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है।
कुसुम जोशी, प्रभारी प्रधानाचार्य, जीजीआईसी, डीडीहाट
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कोट-जीजीआईसी में शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। रिक्त पदों पर तैनाती शासन स्तर पर ही संभव है। -तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़
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