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Pithoragarh: गुंजी से ज्योलिंगकांग तक चमचमाती सड़क से गुजरेंगे आदि कैलाश यात्री, आसान होगी पर्यटकों की राह

Sat, 12 Apr 2025 01:18 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, धारचूला/पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, धारचूला/पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 12 Apr 2025 01:18 PM IST
सार

आदि कैलाश जाने वाले यात्री गुंजी से ज्योलिंगकांग तक चमचमाती सड़क पर सफर करेंगे। बीआरओ ने 36 किलोमीटर लंबी इस सड़क को पक्का कर दिया है।

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Travelers going to Adi Kailash will travel on the gleaming road from Gunji to Jyolingkang
गुंजी -ज्योलिंगकांग सड़क - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस वर्ष भगवान शिव के प्राचीन निवास स्थल आदि कैलाश जाने वाले यात्री गुंजी से ज्योलिंगकांग तक चमचमाती सड़क पर सफर करेंगे। बीआरओ ने 36 किलोमीटर लंबी इस सड़क को पक्का कर दिया है।

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धारचूला से ज्योलिंगकांग की दूरी लगभग 110 किलोमीटर है। इसमें धारचूला से गुंजी 74 किलोमीटर जबकि गुंजी से ज्योलिंगकांग की दूरी 36 किमी है। पहले इस सड़क के अधिकांश हिस्से के कच्चा होने से वाहन संचालन में परेशानी होती थी। कई स्थानों पर दुर्घटना का खतरा भी रहता था। अब बीआरओ की 65 आरसीसी ने गुंजी से ज्योलिंगकांग तक 3.75 मीटर चौड़ी सड़क को पक्का कर दिया है। सड़क मार्ग पर स्थित नदी नालों पर पांच वैली ब्रिज भी बनाए गए हैं। इससे गुंजी-नाबि-कुटी-ज्योलिंगकांग का सफर आसान होगा। नजंग से छियालेख और गर्ब्यांग से गुंजी तक सड़क में सुधार की जरूरत है।

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बलुवाकोट से तवाघाट तक का सफर भी शीघ्र होगा आसान
धारचूला के बलुवाकोट से तवाघाट तक 35 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसमें लगभग 25 किमी सड़क बन चुकी है। इसमें कुछ हिस्सों में डामरीकरण किया जा चुका है। बीआरओ की 67 आरसीसी की देखरेख में हिलवेज कंपनी इस सड़क का कार्य कर रही है। इस सड़क के चौड़ीकरण और पक्का बनने के बाद पूरा सफर आसान हो जाएगा।

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गुंजी-कालापानी सड़क का भी शीघ्र होगा सुधार
गुंजी से ओम पर्वत कैलाश मानसरोवर जाने वाले मार्ग का भी शीघ्र सुधार होगा। चीन सीमा को जोड़ने वाली इस सड़क को लिपुलेख तक साल 2018 में बना दिया गया था। आदि कैलाश के दर्शनों के लिए आने वाले पर्यटक ओ पर्वत और कालापानी भी जाते हैं। यह सड़क अभी कच्ची है। बीआरओ शीघ्र ही इस सड़क का सुधार करेगा। मिली जानकारी के अनुसार इस पर कार्यवाही चल रही है।

 

50 हजार से अधिक पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद
साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिथौरागढ़ दौरे के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हुई है।प्रधानमंत्री के आने के बाद एक माह में ही देश भर से 13 हजार से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे थे। साल 2024 में 31 हजार पर्यटकों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए थे। इस साल 50 हजार से अधिक पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। पिथौरागढ़ से लेकर धारचूला तक के होटल कारोबारी, होम स्टे संचालकों के साथ ही घोड़े व टैक्सी संचालक भी यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

नवंबर 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश
तवाघाट- गुंजी- कालापानी तक 58 किलोमीटर चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य शुरू हो गया है। बीआरओ के अधिकारियों ने नवंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश सारथी सड़क निर्माण कंपनी को दिया है। बीआरओ के हीरक परियोजना के चीफ इंजीनियर एसपी कोलिपे विशिष्ट सेवा मेडल ने बताया कि नवंबर 2026 तक 204 करोड़ रुपये की लागत से 58 किलोमीटर लंबी सड़क पर सात स्टील गार्डर पुल के साथ ही सड़क चौड़ीकरण और सुधारीकरण का कार्य किया जाएगा।

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