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Pithoragarh News: नागीमल मंदिर के पास यातायात हुआ खतरनाक
Sat, 01 Mar 2025 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 01 Mar 2025 11:14 PM IST
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थल( पिथौरागढ़)। दो दिन की लगातार बारिश से थल-सातसिलिंग राजमार्ग पर यातायात बेहद खतरनाक हो गया है। नागीमल मंदिर की पहाड़ी के पास कई वाहन रपट गए। आठ वाहनों के चैंबर को नुकसान पहुंचा है।
बता दें कि थल से 500 मीटर दूरी पर नागीमल मंदिर की पहाड़ी के दरकने और रामगंगा के कटाव से 150 मीटर सड़क जमींदोज हो जाने से आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। खतरनाक जोन की यह कच्ची सड़क कीचड़ से सनी है। चट्टान से गिरे नुकीले पत्थरों से कई वाहनों के टायर पंचर हो गए हैं। वाहनों के चैंबर फटने से शनिवार को कई टैक्सियां पिथौरागढ़ नहीं चलीं।
शिवभूमि व्यापार मंडल के अध्यक्ष बबलू सामंत ने लोनिवि के अवर अभियंता से फोन कर सड़क को ठीक करने की मांग की। इस पर विभाग की ओर से जेसीबी भेजी गई। सामंत ने सड़क पर से कीचड़ और गिरे नुकीले पत्थरों को हटवाया।
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दारमा, मदरमा सड़क दो दिन से बंद
बंगापानी। बंगापानी-दारमा और मदरमा सड़क बारिश के चलते दो दिन से बंद है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों से राहगीर एवं स्कूली बच्चों को भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किए जाने की मांग की है। संवाद
गणाई-बनकोट मोटर मार्ग पर रूंगड़ी बैंड के पास आया मलबा
गणाईगंगोली। दो दिन की लगातार बारिश से गणाई-बनकोट सड़क रूंगड़ी बैंड के पास मलबा आने से सुबह सात से 11 बजे तक बंद रही। बाद में जेसीबी से मलबा हटाकर सड़क को खोला गया। लगातार मलबा गिरने से सड़क बाधित हो रही है।
उडियारी बैंड के पास बदहाल है मार्ग
बेड़ीनाग। बेड़ीनाग-थल मोटर मार्ग उडियारी बैंड के पास पिछले छह महीने से बदहाल है। बरसात में कलवर्ट टूटने से यहां आये दिन वाहनों के लिए खतरा बना हुआ है। वर्तमान में यहां पर नए कलवर्ट का निर्माण चल रहा है लेकिन इसकी गति बहुत धीमी है। बारिश के चलते यहां 12 घंटे तक मार्ग बंद रहा। क्षेत्र के भूपी कार्की ने बताया कि सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। पूर्व में यहां पर कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचे हैं। उन्होंने शीघ्र सड़क को ठीक किए जाने की मांग की है।
अस्कोट क्षेत्र के लोगों ने अंधेरे में गुजारी रात
अस्कोट। बारिश के चलते शुक्रवार दोपहर दो बजे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई जो शनिवार को 10:30 बजे बहाल हुई। बिजली नहीं होने से क्षेत्र के कई गांवों के लोग अंधेरे में रात बिताने को विवश हुए। मोबाइल चार्ज नही होने से लोगों की अपने परिजनों से भी बात नहीं हो पाई।
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बता दें कि थल से 500 मीटर दूरी पर नागीमल मंदिर की पहाड़ी के दरकने और रामगंगा के कटाव से 150 मीटर सड़क जमींदोज हो जाने से आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। खतरनाक जोन की यह कच्ची सड़क कीचड़ से सनी है। चट्टान से गिरे नुकीले पत्थरों से कई वाहनों के टायर पंचर हो गए हैं। वाहनों के चैंबर फटने से शनिवार को कई टैक्सियां पिथौरागढ़ नहीं चलीं।
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शिवभूमि व्यापार मंडल के अध्यक्ष बबलू सामंत ने लोनिवि के अवर अभियंता से फोन कर सड़क को ठीक करने की मांग की। इस पर विभाग की ओर से जेसीबी भेजी गई। सामंत ने सड़क पर से कीचड़ और गिरे नुकीले पत्थरों को हटवाया।
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दारमा, मदरमा सड़क दो दिन से बंद
बंगापानी। बंगापानी-दारमा और मदरमा सड़क बारिश के चलते दो दिन से बंद है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों से राहगीर एवं स्कूली बच्चों को भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किए जाने की मांग की है। संवाद
गणाई-बनकोट मोटर मार्ग पर रूंगड़ी बैंड के पास आया मलबा
गणाईगंगोली। दो दिन की लगातार बारिश से गणाई-बनकोट सड़क रूंगड़ी बैंड के पास मलबा आने से सुबह सात से 11 बजे तक बंद रही। बाद में जेसीबी से मलबा हटाकर सड़क को खोला गया। लगातार मलबा गिरने से सड़क बाधित हो रही है।
उडियारी बैंड के पास बदहाल है मार्ग
बेड़ीनाग। बेड़ीनाग-थल मोटर मार्ग उडियारी बैंड के पास पिछले छह महीने से बदहाल है। बरसात में कलवर्ट टूटने से यहां आये दिन वाहनों के लिए खतरा बना हुआ है। वर्तमान में यहां पर नए कलवर्ट का निर्माण चल रहा है लेकिन इसकी गति बहुत धीमी है। बारिश के चलते यहां 12 घंटे तक मार्ग बंद रहा। क्षेत्र के भूपी कार्की ने बताया कि सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। पूर्व में यहां पर कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचे हैं। उन्होंने शीघ्र सड़क को ठीक किए जाने की मांग की है।
अस्कोट क्षेत्र के लोगों ने अंधेरे में गुजारी रात
अस्कोट। बारिश के चलते शुक्रवार दोपहर दो बजे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई जो शनिवार को 10:30 बजे बहाल हुई। बिजली नहीं होने से क्षेत्र के कई गांवों के लोग अंधेरे में रात बिताने को विवश हुए। मोबाइल चार्ज नही होने से लोगों की अपने परिजनों से भी बात नहीं हो पाई।