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Pithoragarh News: पर्यटन विभाग ने सिनला पास को ट्रैक ऑफ द ईयर किया घोषित
Sun, 18 Aug 2024 12:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 18 Aug 2024 12:16 AM IST
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धारचूला के व्यास घाटी स्थित सिनला पास।
पिथौरागढ़। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा से लगी दो घाटियां व्यास और दारमा को जोड़ने वाले सिनला पास को पर्यटन विभाग की ओर से ट्रैक ऑफ द ईयर घोषित किया गया है। यहां सितंबर में 100 से अधिक ट्रैकर ट्रैकिंग कर खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाएंगे। सरकार की यह कवायद भविष्य में उच्च हिमालयी गांवों में पर्यटन के नए द्वार खोलेगी।
मानसून सीजन खत्म होने के बाद सीमांत की खूबसूरत वादियों का सौंदर्य खिल उठता है। धारचूला तहसील में आने वाली व्यास और दारमा घाटी को 18000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित सिनला पास आपस में जोड़ता है। व्यास घाटी क्षेत्र में ऊं पर्वत, आदि कैलाश, पार्वती कुंड, गौरी कुंड और दारमा में पंचाचूली ग्लेशियर आदि सौंदर्य से भरपूर स्थल हैं। आदि कैलाश से दारमा घाटी तक पहुंचने के लिए ट्रैकरों को 30-35 किमी की पैदल यात्रा करनी होगी। जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य ने बताया कि सितंबर में क्षेत्र का मौसम बेहद सुहावना होता है। उन्होंने ट्रैकिंग में 100 से अधिक ट्रैकरों के प्रतिभाग करने की संभावना जताई है। साहसिक पर्यटक को बढ़ावा देने वाले एडवेंचर लवर्स के सचिव अशोक भंडारी का कहना है व्यास घाटी के ज्योलिंगकांग से दारमा के खिमलिंग, गो, वेदांग, तिदांग से दांतू, दुग्तू वाला यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। उनका कहना है कि यह समूचा क्षेत्र सड़क सुविधा से जुड़ जाए तो सीमांत की तीनों घाटियां व्यास, दारमा और चौंदास में पर्यटन गतिविधियां काफी बढ़ जाएंगी, इससे क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिलाई नई पहचान
पिथौरागढ़। पिछले वर्ष अक्तूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दर्शन के बाद से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इस वर्ष मानसून सीजन से पूर्व तक 20,000 से अधिक पर्यटक आदि कैलाश, ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। सितंबर से फिर से आदि कैलाश की यात्रा शुरू हो जाएगी। सिनला पास के ट्रैक ऑफ द ईयर घोषित होने से सीमांत की घाटियों में पर्यटन के चरम पर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
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मानसून सीजन खत्म होने के बाद सीमांत की खूबसूरत वादियों का सौंदर्य खिल उठता है। धारचूला तहसील में आने वाली व्यास और दारमा घाटी को 18000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित सिनला पास आपस में जोड़ता है। व्यास घाटी क्षेत्र में ऊं पर्वत, आदि कैलाश, पार्वती कुंड, गौरी कुंड और दारमा में पंचाचूली ग्लेशियर आदि सौंदर्य से भरपूर स्थल हैं। आदि कैलाश से दारमा घाटी तक पहुंचने के लिए ट्रैकरों को 30-35 किमी की पैदल यात्रा करनी होगी। जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य ने बताया कि सितंबर में क्षेत्र का मौसम बेहद सुहावना होता है। उन्होंने ट्रैकिंग में 100 से अधिक ट्रैकरों के प्रतिभाग करने की संभावना जताई है। साहसिक पर्यटक को बढ़ावा देने वाले एडवेंचर लवर्स के सचिव अशोक भंडारी का कहना है व्यास घाटी के ज्योलिंगकांग से दारमा के खिमलिंग, गो, वेदांग, तिदांग से दांतू, दुग्तू वाला यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। उनका कहना है कि यह समूचा क्षेत्र सड़क सुविधा से जुड़ जाए तो सीमांत की तीनों घाटियां व्यास, दारमा और चौंदास में पर्यटन गतिविधियां काफी बढ़ जाएंगी, इससे क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
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प्रधानमंत्री मोदी ने दिलाई नई पहचान
पिथौरागढ़। पिछले वर्ष अक्तूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दर्शन के बाद से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इस वर्ष मानसून सीजन से पूर्व तक 20,000 से अधिक पर्यटक आदि कैलाश, ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। सितंबर से फिर से आदि कैलाश की यात्रा शुरू हो जाएगी। सिनला पास के ट्रैक ऑफ द ईयर घोषित होने से सीमांत की घाटियों में पर्यटन के चरम पर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
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