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वन्य जीव तस्कर को तीन साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 19 May 2017 10:39 PM IST
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तस्कर को सजा
- फोटो : amar ujala
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुलदीप शर्मा की अदालत ने एक वन्य जीव तस्कर को तीन वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता पृथ्वीराज सिंह बनकोटी ने बताया कि सात जनवरी 2013 को कोतवाली पिथौरागढ़ के उपनिरीक्षक विनोद यादव गश्त पर थे। उनको उसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति तेंदुए की खाल लेकर नेपाल बेचने के लिए जा रहा है। इस सूचना पर वह वन कर्मियों के साथ झूलाघाट रोड की तरफ गए। वड्डा के पास उन्होंने जब थाना बलुवाकोट के अंतर्गत गटकोलफा गांव निवासी पूरन सिंह की तलाशी ली तो उसके पास तेंदुए की खाल और सात हड्डियां बरामद हुई। उसे मौके पर ही गिरफ्तार किया गया।
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अभियोजन पक्ष ने इस मामले में वन रेंजर बीएस अल्मिया, एसडीओ एमएस सेमिया, वन दरोगा हेम चंद्र जोशी, पुलिस उपनिरीक्षक विनोद यादव, कांस्टेबल अनिल मर्तोलिया को गवाह के तौर पर अदालत में पेश किया। पकड़ी गई खाल को जांच के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून भेजा गया। वहां से खाल तेंदुए की होने संबंधी पुष्टि हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार को पूरन सिंह को सजा सुना दी।
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