{"_id":"5fecb9038ebc3e419f6b9b69","slug":"three-war-fighters-for-the-country-pithoragarh-news-hld4091977103","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश के लिए तीन जंग लड़ने वाले बहादुर सिंह पंचतत्व में विलीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश के लिए तीन जंग लड़ने वाले बहादुर सिंह पंचतत्व में विलीन
विज्ञापन
अस्कोट (पिथौरागढ़)। देश के लिए चीन और पाकिस्तान से साथ तीन युद्धों में भाग लेने वाले सेवानिवृत्त हवलदार बहादुर सिंह पाल का मंगलवार को 90 साल की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर है।
खोलियागांव निवासी बहादुर सिंह पाल कुछ समय से वह बीमार चल रहे थे। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार हंसेश्वर मठ में किया गया। उनके पुत्र विनोद और अशोक ने मुखाग्नि दी। बहादुर सिंह पाल ने 1962 के युद्ध में चीन और 1965 और 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में दुश्मनों के छक्के छुड़ाए थे।
वह रूसी, जर्मन और फ्रेंच भाषा के अच्छे ज्ञाता थे। उन्होंने सैनिक कल्याण बोर्ड में भी अपनी सेवाएं दीं। खोलिया गांव में प्रधान और सरपंच रहते हुए उन्होंने गांव में विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया। वह सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेते थे। उनके निधन पर सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर जगदीश पाल, होशियार पाल, सूबेदार आन सिंह पाल, हीरा सिंह पाल, विक्रम पाल, कैप्टन राम सिंह धामी आदि ने शोक जताया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
खोलियागांव निवासी बहादुर सिंह पाल कुछ समय से वह बीमार चल रहे थे। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार हंसेश्वर मठ में किया गया। उनके पुत्र विनोद और अशोक ने मुखाग्नि दी। बहादुर सिंह पाल ने 1962 के युद्ध में चीन और 1965 और 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में दुश्मनों के छक्के छुड़ाए थे।
विज्ञापन
वह रूसी, जर्मन और फ्रेंच भाषा के अच्छे ज्ञाता थे। उन्होंने सैनिक कल्याण बोर्ड में भी अपनी सेवाएं दीं। खोलिया गांव में प्रधान और सरपंच रहते हुए उन्होंने गांव में विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया। वह सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेते थे। उनके निधन पर सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर जगदीश पाल, होशियार पाल, सूबेदार आन सिंह पाल, हीरा सिंह पाल, विक्रम पाल, कैप्टन राम सिंह धामी आदि ने शोक जताया है। संवाद
विज्ञापन