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तीन कुमाऊं राइफल्स का शताब्दी समारोह शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:08 PM IST
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तीन कुमाऊं राइफल्स के इतिहास की जानकारी लेते ब्रिगेडियर रंजन मलिक
- फोटो : अमर उजाला
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सेना की तीन कुमाऊं राइफल्स के शताब्दी समारोह के कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सेना के बैंड वादन से हुई। कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों और सेना की अन्य बटालियनों ने इस आयोजन में भाग लिया।
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तीन कुमाऊं राइफल्स की स्थापना 23 अक्तूबर 1917 को हुई थी। इस बटालियन को कुमाऊं की सबसे पहली बटालियन का गौरव प्राप्त है। सबसे खास बात यह है कि इस बटालियन में सभी सैनिक कुमाऊंनी होते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ वीर नारियों ने दीप जलाकर किया। सेना के अधिकारियों ने तीन कुमाऊं राइफल्स के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी।
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बाद में छलिया नृत्य, कुमाऊंनी संस्कृति पर आधारित नृत्य का लोगों ने खूब आनंद उठाया। असम रेजीमेंट के जवानों ने पूर्वोत्तर की संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम पेश किए। कार्यक्रम पेश करने वाले कलाकारों को ले. जनरल भूपेंद्र सिंह सहरावत (सेना मेडल) ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
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धरोहर हॉल में बटालियन की उपलब्धि का इतिहास
तीन कुमाऊं राइफल्स ने अपने सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर बटालियन की उपलब्धियों को दर्शाने के लिए धरोहर हॉल तैयार किया है। शनिवार को धरोहर हॉल का 119 स्वतंत्र पैदल ग्रुप के कमांडर ब्रिगेडियर रंजन मलिक (सेना मेडल) ने उद्घाटन किया। इस धरोहर हॉल में तीन कुमाऊं राइफल्स की स्थापना से लेकर प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में दिखाई गई वीरता, 1948, 1965, 1971 के युद्ध में दिखाए गए पराक्रम के बाद मिले युद्ध अलंकरण, संयुक्त राष्ट्र के कार्यकाल से लेकर पिथौरागढ़ स्टेशन में तैनाती के दौरान की गतिविधियों को प्रस्तुत किया गया है। कोई भी व्यक्ति इस बटालियन के इतिहास और उपलब्धि को धरोहर हॉल में आसानी से देख सकता है। उद्घाटन के समय बटालियन के अधिकारी और जवान उपस्थित थे। बटालियन के सौ वर्ष के इतिहास को प्रदर्शित करने वाले चित्र, लेख और ऑडियो इस धरोहर हॉल में उपलब्ध हैं।
बच्चों ने प्रस्तुत किए विभिन्न कार्यक्रम
तीन कुमाऊं राइफल्स के शताब्दी समारोह के अवसर पर बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रम पेश किए। बच्चों के बीच फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, बेबी-शो, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सैनिकों और अधिकारियों के बच्चों ने इस आयोजन में भाग लिया। इस मौके पर विभिन्न प्रकार की सामग्री के स्टाल लगाए गए और खेलकूद प्रतियोगिताएं भी हुई। कार्यक्रम में सैनिक परिवारों के सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को सेना के अधिकारियों ने सम्मानित किया।
आज होने वाली पैराग्लाइडिंग का पूर्वाभ्यास
तीन कुमाऊं राइफल्स के सौ वर्ष पूरे होने पर विभिन्न गतिविधियों में से एक पैराग्लाइडिंग का शनिवार को पूर्वाभ्यास किया गया। रविवार को सेना के जवान पैराग्लाइडिंग का प्रदर्शन करेंगे। अपरान्ह चार बजे से देवसिंह मैदान में बैंड वादन का कार्यक्रम होगा। इसमें आम नागरिक, पूर्व सैनिक उपस्थित रहेंगे।