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सेराघाट में पहले भी कई लोगों की जिंदगी लील चुकी है यह नदी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jun 2021 12:10 AM IST
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This river has already taken the lives of many people in Seraghat.
गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। सेराघाट के सरयू नदी में जिस स्थान पर नहाने के दौरान पांच किशोरों की मौत हुई वहां पर नदी पहले भी कई लोगों की जिंदगी लील चुकी है। स्थानीय लोग इस स्थान पर नहीं नहाते हैं। इसका जिन लोगों को पता नहीं होता है उनका नदी से जीवित बाहर आना संभव नहीं होता है। बुधवार को अपनी जान गंवाने वाले किशोरों को भी इसका पता नहीं था।
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गणाई गंगोली तहसील के सेराघाट रामपुर निवासी सोनू कुमार पुत्र मेहर लाल का विवाह धौलियाइजर कूना निवासी गोकुल कुमार की पुत्री सपना के साथ हुई। मंगलवार को दुल्हन के विदा होने पर दुल्हन सपना का भाई रवींद्र कुमार, चचेरा भाई साहिल कुमार, दुल्हन के बड़े भाई कृष्ण कुमार का लड़का पियूष कुमार, सिमाली गांव निवासी रिश्तेदार मोहित कुमार और भैंसियाछाना अल्मोड़ा निवासी रिश्तेदार राजेश कुमार के अलावा रिश्तेदारी में आने वाले तीन अन्य किशोर उसे विदा करने ससुराल रामपुर गए। घाटी क्षेत्र होने के कारण उमस होने पर बुधवार की सुबह ये सभी आठों किशोर नहाने के लिए बिना बताए नदी में चले गए।
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इस दौरान नहाने के लिए पहले नदी में उतरे रवींद्र कुमार, साहिल कुमार, पियूष कुमार, मोहित कुमार और राजेश कुमार की डूबने से मौत हो गई। जिस स्थान पर पांचों किशोरों के साथ यह दर्दनाक हादसा हुआ वहां पर पहले भी कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। बेहद गहरा और दलदल होने से इस स्थान पर स्थानीय लोग अच्छे तैराक होने के बाद भी नहीं नहाते हैं। बताया जा रहा है कि यहां पर पिछले एक दशक के भीतर सात से अधिक लोगों की डूबकर मौत हो चुकी है। मौके पर पहुंचे गंगोलीहाट के एसडीएम भगत सिंह फोनिया, तहसीलदार दिनेश कुटौला और बेड़ीनाग के एसओ सुशील जोशी ने इस स्थान पर चेतावनी बोर्ड लगाने और तारबाड़ करने के निर्देश दिए हैं।(संवाद)
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चंद मिनटों में ही बुझ गए पांच घरों के चिराग
गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। बुधवार को नदी में नहाने के दौरान हुए हादसे में चंद मिनटों के भीतर पांच घरों के चिराग बुझ गए। इनमें से साहिल कुमार और राजेश कुमार अपने घरों के इकलौते चिराग थे। साहित कुमार की एक बहन है जबकि राजेश कुमार की दो बहनें हैं।
मृतक रवींद्र कुमार, पियूष कुमार, मोहित कुमार जीआईसी गणाई में पढ़ते थे। जबकि साहिल कुमार हल्द्वानी और भैसियाछाना निवासी राजेश कुमार रानीखेत के स्कूल में पढ़ता था। परिजनों के साथ ही मृतक पांचों किशोरों के साथी बेहद दुखी हैं। (संवाद)
मां को बेटे के शव से लिपटकर चित्कार करते देख रो पड़ी कई आंखें
गणाईगंगोली(पिथौरागढ़)। सेराघाट में सरयू नदी से पांचों किशोरों के शव जब नदी से निकालकर किनारे रखे गए तो वहां मौजूद भीड़ के दिल दहल उठे। जो किशोर कुछ समय पहले तक हंस खेल रहे थे वह सभी अब खामोश रेत में पड़े थे। दर्दनाक हादसे की सूचना से एक मृतक किशोर की मां ने बेटे को बुरी तरह से सीने से चिपटा लिया। उसकी चित्कार सुनकर आसपास मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। लोगों ने मृतक किशोरों के परिजनों को बमुश्किल समझाया। इस घटना पर विधायक मीना गंगोला, पूर्व विधायक नारायण राम आर्य ने गहरा दुख जताया है। (संवाद)
सगे भाई सहित पांच रिश्तेदारों की मौत से दुल्हन सपना सदमे में
गणाईगंगोली(पिथौरागढ़)। मायके से हंसी खुशी विदा हुई सपना के साथ जब परंपरा के अनुसार सगे और चचेरे भाई सहित सात अन्य रिश्ते के भाई विदा करने आए तो वह बेहद खुश थी। मंगलवार की रात ससुराल पहुंचने के बाद नाच गाना भी हुआ। लेकिन सुबह एक साथ पांच भाइयों की मौत की खबर से सपना गश खाकर गिर गई। जैसे ही उसे हादसे की जानकारी मिली वह दहाड़े मारकर रोने लगी। खुशी मना रहे परिवार की सारी खुशियां शोक में बदल गई। (संवाद)
पिथौरागढ़ जिले में हर साल होती हैं नदी में डूबने की घटनाएं
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले की नदियों में हर साल नहाते समय डूबने की घटनाएं होती हैं। काली नदी, रामगंगा नदी, सरयू नदी में हर साल लोग डूबते हैं। पिथौरागढ़ के घाट क्षेत्र में रामगंगा नदी में डूबने की सबसे अधिक घटनाएं होती हैं। दो वर्ष पूर्व रामगंगा नदी में दो युवक बह गए थे जिनमें एक का पता नहीं चल सका। झूलाघाट की काली नदी में भी हर साल लोगों की डूबने से मौत होती है। कुछ स्थानों पर अभी तक चेतावनी बोर्ड नहीं लगे हैं। एसपी सुखबीर सिंह ने बताया कि जिन स्थानों पर डूबने की आशंका रहती है वहां पर लोगों को आगाह करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
तीन साल में छह लोगों की डूबने से मौत
चंपावत। चंपावत जिले में बीते तीन वर्षों में नदी में डूबने से छह लोगों की मौत हो चुकी हैं। टनकपुर-बनबसा, चंपावत और लोहाघाट क्षेत्र में दो-दो लोग नदी में डूबने से जान गंवा चुके हैं।

2018 में तीन, 2019 में दो और 2020 में एक मौत हुई है। वहीं शारदा नदी पर टनकपुर, बूम और बनबसा में नदी में स्नान करने वालों की सुरक्षा के लिए के लिए जल पुलिस तैनात की गई है। (संवाद)
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