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Pithoragarh News: डीडीहाट में बंदर भगाने खेत में जा रहे युवक की उफनती गाड़ में बहने से मौत

Wed, 26 Aug 2026 11:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 26 Aug 2026 11:41 PM IST
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Youth dies after being swept away by the overflowing Gaad river while heading to his field to chase away monkeys in Didihat.
डीडीहाट के दूनाकोट में उफनती रौतिस गाड़ में बहे युवक को खोजती टीम।
डीडीहाट(पिथौरागढ़)। खड़ी फसल को बंदरों से बचाने की चिंता में युवक को शॉर्टकट रास्ते से खेतों में जाना महंगा पड़ गया। उसने इसकी कीमत अपनी जान गंवाकर चुकाई। युवक ने जल्द खेतों में पहुंचने के लिए रौतिस गाड़ को पार करने वाला रास्ता चुना। जैसे ही वह उफनती गाड़ को पार कर रहा था उसके तेज बहाव में बहकर उसकी मौत हो गई। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भंवर में फंसे उसके शव को रेस्क्यू किया जा सका। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम है तो उनमें सिस्टम के प्रति आक्रोश भी है।
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जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह डीडीहाट क्षेत्र के दूनाकोट में रौतिस नदी से लगे खेतों में सुबह करीब सात बजे बंदरों का झुंड घुसकर फसल को बर्बाद करने लगा। ऐसे में नागीधार का भगवान सिंह (42) पुत्र त्रिलोक सिंह बंदरों को भगाकर फसल को बचाने के लिए घर से निकला। जल्द खेतों में पहुंचने के लिए उसने उफनती रौतिस गाड़ को पार करना उचित समझा। जैसे ही वह गाड़ में उतरा तो उसके तेज बहाव में बह गया। जब वह नौ बजे तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चल सका। अनहोनी की आशंका को देखते हुए इसकी सूचना पुलिस, राजस्व विभाग, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को दी गई। 10 बजे के करीब टीम रौतिस गाड़ के पास पहुंची और सर्च अभियान चलाया। एक घंटे बाद युवक का शव घटनास्थल से 150 मीटर नीचे भंवर में फंसा मिला। शव को रेस्क्यू कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम है।
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बंदरों से मिलती निजात तो युवक को नहीं गंवानी पड़ती जान
दूनाकोट के रमेश, हरीश, मोहित, पुष्कर आदि ने कहा कि क्षेत्र में बंदरों के उत्पात से वह लंबे समय से परेशान हैं। बंदर खेतों में घुसकर किसानों की मेहनत को बेकार कर रहे हैं। यह समस्या दूनाकोट क्षेत्र नहीं बल्कि पूरे जिले में है। हर क्षेत्र के लोग और किसान लंबे समय से बंदरों से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं लेकिन सिस्टम के पास इसका कोई हल नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बंदरों से निजात मिलती तो भगवान सिंह खेतों में नहीं घुसते और उन्हें जान नहीं गंवानी पड़ती।
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एसडीएम, खुशबू पांडे ने बताया कि दूनाकोट क्षेत्र में एक युवक की गाड़ में बहकर मौत हो गई। टीम को भेजकर शव को रेस्क्यू किया गया। आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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