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गैस कनेक्शन है, मगर लकड़ी में बन रहा एमडीएम का खाना

Sun, 27 May 2018 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत। Updated Sun, 27 May 2018 11:21 PM IST
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There is a gas connection, but the food of MDM being grown in wood
ंपावत के मौनपोखरी स्कूल में लकड़ी के चूल्हे में एमडीएम बनाती भोजनमाता। - फोटो : अमर उजाला

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हर घर को धुएं से निजात दिलाने के लिए उज्ज्वला योजना के अंतर्गत रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, मगर ज्यादातर स्कूलों में बनने वाला मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) का खाना अब भी लकड़ी के चूल्हे से मुक्त नहीं हो सका है। यह स्थिति भी गैस कनेक्शन होने के बावजूद बनी है। जिले के 630 से अधिक स्कूलों में अब भी लकड़ी में खाना बनाना की मजबूरी बना हुआ है।

इसकी वजह इन विद्यालयों को गैस चूल्हा उपलब्ध नहीं हो पाना है। बजाय गैस चूल्हे से बनने की उम्मीद लंबी होती जा रही है। एक गैर सरकारी संस्था ने स्कूलों को रसोई गैस की सुविधा देने का आश्वासन दिया था। पर गैस चूल्हों के मिलने में हो रही देरी से लकड़ी के चूल्हे से जल्द निजात मिलने में अड़चन आ गई है। विभाग ने भी पत्र भेज शीघ्र चूल्हे भेजने का आग्रह किया है।
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भूख के चलते स्कूल से दूरी बनाए रखने वालों का रूख स्कूल की ओर करने के लिए एमडीएम योजना शुरू की गई थी। इस वक्त जिले में पहली से आठवीं तक के 698 सरकारी स्कूलों के 24376 छात्र-छात्राएं योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके लिए 1060 भोजन माताएं सेवा दे रही हैं। फिलहाल 10 प्रतिशत स्कूलों को छोड़ शेष सभी में एमडीएम का खाना लकड़ी से बनाया जा रहा है। लकड़ी के जुगाड़ के साथ अधिक वक्त के अलावा कई तरह की दिक्कतें भी होती है। वहीं इसके चलते भोजन माताओं को भी धुएं का शिकार होती हैं। जिससे सांस संबंधी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।  
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इससे निजात दिलाने के लिए हंस फाउंडेशन ने जिले के सभी स्कूलों को गैस चूल्हे से एमडीएम संचालित करने की योजना अगस्त 2017 में तैयार की थी। जिसके बाद 408 स्कूलों ने पिछले वर्ष नंवबर में गैस संयोजन भी ले लिए। एमडीएम के अंतर्गत इन स्कूलों को साल भर में 12 सब्सिडी वाले सिलिंडर मिलने थे, मगर फाउंडेशन द्वारा गैस चूल्हों को पहुंचाने में हो रही देरी से इन विद्यालयों को लकड़ी के चूल्हे से निजात नहीं मिल पा रही है।  


कोट  
गैस चूल्हा नहीं मिलने की वजह से गैस संयोजन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। हंस फाउंडेशन से स्कूलों में गैस चूल्हे उपलब्ध कराने को सर्वशिक्षा अभियान के अपर राज्य परियोजना निदेशक को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं।  
सत्यनारायण, जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) चंपावत।  
 
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