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फिर 12 घंटे बंद रहा पिथौरागढ़-तवाघाट हाइवे
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट
Updated Tue, 21 Jun 2016 10:17 PM IST
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मलबा हटाती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार रात क्षेत्र में हुई भारी बारिश के दौरान पिथौरागढ़-तवाघाट हाइवे पिनौड़ागाड़ के पास मलबा आने से 12 घंटे तक बंद रहा। इस स्थान पर रात करीब 10.30 बजे मलबा गिर गया था। रात में हालांकि वाहन कम चलते हैं। इस कारण रोड बंद होने की जानकारी सुबह पांच बजे तब लगी जब कुछ वाहन इस स्थान पर जाकर फंस गए। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सुबह सात बजे से जेसीबी लगाकर मलबा हटाने का काम शुरू किया। सुबह 10.30 बजे से इस रोड पर वाहनों की आवाजाही होने लगी।
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बीआरओ के अधिकारी आरबी अग्रवाल ने बताया कि पिनौड़ागाड़ के पास लगातार मलबा गिरने का खतरा बना है। इसे देखते हुए स्थायी रूप में मजदूर और जेसीबी तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि बंद सड़क को खोलने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए जाते हैं, यदि रोड ज्यादा देर तक बंद हो तो ओगला और अस्कोट से रूट को उस अवधि में डायवर्ट किया जाता है। पिथौरागढ़-तवाघाट रोड से कैलास मानसरोवर यात्री दल भी निकलते हैं। यदि इस रोड में व्यवधान आया तो यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
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24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-1.6 एमएम
गंगोलीहाट-0.0 एमएम
बेड़ीनाग-0.0 एमएम
डीडीहाट-10.0 एमएम
मुनस्यारी-16.5 एमएम
धारचूला-7.2 एमएम
अगले 48 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट
पिथौरागढ़। जिला प्रशासन ने अगले 48 घंटे में कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों से कहा है कि संवेदनशील स्थानों पर नजर रखें और जिला मुख्यालय के संपर्क में बने रहें। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश का क्रम जारी रहेगा।
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रामगंगा में बनी झील फिर खुद ही टूटी
नाचनी (पिथौरागढ़)। हरड़िया नाले के मलबे के कारण रामगंगा में सोमवार को बनी झील रात में हुई बारिश के दौरान खुद ही टूट गई। नदी के तेज बहाव के साथ उसमें जमा मलबा और बोल्डर बह गए। इस स्थान पर मलबा आने से नदी का प्रवाह रुकने की समस्या अक्सर बनी रहती है। हरड़िया में कटाव कम नहीं हो रहा है। यह नाला नया बस्ती की पहाड़ी को लगातार काटता जा रहा है।
नाचनी-बांसबगड़ रोड अब भी बंद
नाचनी (पिथौरागढ़)। नाचनी-बांसबगड़ रोड पर कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से यातायात बंद है। बांसबगड़ के लोगों को नाचनी आने के लिए आठ किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। लोनिवि ने मलबा हटाने के लिए जेसीबी लगा दी है। बुधवार को रोड खुलने की उम्मीद है।
महाकाली का जलस्तर बढ़ा
धारचूला (पिथौरागढ़)। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश तेज होने के कारण महाकाली का जलस्तर बढ़ गया है। मंगलवार को महाकाली का जलस्तर 887.9 मीटर आंका गया, जबकि महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर लगा है। गोरी का जलस्तर मंगलवार को 603.9 मीटर रहा। गोरी में खतरे का निशान 607.8 मीटर पर है। सरयू का जलस्तर 446.2 मीटर रहा। सरयू में खतरे का निशान 453 मीटर पर लगा है।