फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Then on the verge of becoming empty chest chest

फिर खाली होने की कगार पर करेंसी चेस्ट

Tue, 17 Apr 2018 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Tue, 17 Apr 2018 10:45 PM IST
विज्ञापन
Then on the verge of becoming empty chest chest
पिथौरागढ़ में नकदी की किल्लत के चलते सुबह से ही बैंकों में भीड़ लगी - फोटो : अमर उजाला

जिले में नकदी का संकट गहराता जा रहा है। जिले की चेस्ट फिर खाली होने की कगार पर पहुंच चुकी है। चेस्ट के पास दो दिन के खर्च के लिए भी पूरी नकदी नहीं है। इससे एसबीआई समेत सरकारी, सहकारी और निजी बैंक भी खाली होने वाले हैं। नतीजतन जिले के चार दर्जन से अधिक एटीएम खाली पड़े रहे। लोगों को नकदी जुटाने के लिए बैंकों की कतारों में मशक्कत करनी पड़ी।

विज्ञापन


मंगलवार को भी नकदी संकट के बीच जिले भर के चार दर्जन से अधिक एटीएम खाली रहे। अकेले मुुख्यालय में ही एसबीआई के सात एटीएम समेत अन्य बैंकों के 15 एटीएम बंद रहे। चुनिंदा बैंकों के दर्जन भर एटीएम में ही नकदी थी। दोपहर तक ये एटीएम भी खाली हो गए। लोगों को नकदी के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर काटने पड़े और मायूस होकर लौटना पड़ा। एटीएम खाली होने से बैंक शाखाओं पर खाताधारकों की भीड़ लगी रही। नकदी की कमी को देखते हुए बैंकों से एक लाख से अधिक की निकासी नहीं की गई। अपरिहार्य स्थिति में ही बैंकों ने बड़ी रकम दी। नकदी की कमी से बाजार और खरीदारी पर भी असर पड़ा।
विज्ञापन


इधर, जिले की मुख्य चेस्ट एसबीआई एक बार फिर खाली होने की कगार पर पहुंच गई है। पिछले दिनों आगरा से मिली 70 करोड़ की नकदी से जिले को कुछ राहत मिली थी। मंगलवार को जिले की चेस्ट में महज 24 करोड़ की नकदी ही बची। ये नकदी महज एक-दो दिन खर्च के लिए ही है। एसबीआई मुख्य शाखा के लेखाकार संजीव मिश्रा ने बताया कि रिजर्व बैंक को नकदी की समस्या बताते हुए डिमांड भेज दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मांग पूरी करना बना चुनौती 
एसबीआई की चेस्ट से ही जिले में सरकारी, सहकारी और निजी बैंकों को नकदी की आपूर्ति की जाती है। चेस्ट में नकदी की किल्लत के चलते खुद एसबीआई की मुख्य शाखा को ही पर्याप्त नकदी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अन्य बैंकों की मांग पूरी करना चुनौती बना है। इस वक्त चेस्ट में 24 करोड़ बचे हैं, जबकि 23 करोड़ की फौरी मांग आई है। बेड़ीनाग एसबीआई ने चेस्ट से 12 करोड़ की मांग की है, जबकि धारचूला ने पांच करोड़ मांगे हैं। टनकपुर एसबीआई ने भी छह करोड़ की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed