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जब आश्वासनों में नहीं दिखा दम तो सड़क बनाकर खुद ही कर दिया मुश्किलों को कम

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2022 11:57 PM IST
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The youth of Barad village made the road to the village
थल के बरड़ गांव में श्रमदान कर सड़क बनाते युवा। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
बरड़ गांव के नवयुवकों ने श्रमदान कर बनाई 1600 मीटर सड़क
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संवाद न्यूज एजेंसी
थल (पिथौरागढ़)। थल के बरड़ गांव के युवाओं ने श्रमदान और चंदा एकत्र कर आजादी के 75 साल बाद गांव के नजदीक तक सड़क पहुंचा दी। युवाओं ने गांव तक 1600 मीटर सड़क बनाकर सरकार को आइना दिखाया है। मुख्य सड़क से लगभग चार किमी दूर स्थित इस गांव तक शेष दो किलोमीटर सड़क का काम भी ग्रामीण शीघ्र शुरू करेंगे।
जोग्यूड़ा थल ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाला बरड़ गांव कभी खेती के लिए जाना जाता था। गेहूं और धान की अच्छी पैदावार होती थी। गांव तक सड़क नहीं बनने के कारण 80 के दशक में धीरे-धीरे लोगों ने अपने गांव से पलायन करना शुरू कर दिया। सड़क के अभाव में बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा भी नहीं मिल पाई तो ग्रामीण शहरों में बसने लगे। वर्तमान में गांव में करीब 20 से 25 परिवार रहते हैं।
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कई मिन्नतों के बद भी जब गांव तक सड़क नहीं बनी तो उपेक्षा से खिन्न होकर गांव के युवाओं ने स्वयं गांव तक सड़क पहुंचाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने शासन-प्रशासन के सामने गिड़गिड़ाने के बजाय 10 दिन में दो लाख रुपये जुटाए और फिर एक महीने के कठिन परिश्रम के बाद 1600 मीटर सड़क काट दी। गांव के लिए सड़क का समतलीकरण लाल मोड़ के पास थल- बेड़ीनाग मोटरमार्ग से किया गया है। गांव के युवाओं का कहना है कि दो किलोमीटर सड़क और बननी है। इसके लिए वह लोग जल्द संसाधन जुटाकर श्रमदान करेंगे।
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तत्कालीन विधायक ने दिए मात्र डेढ़ लाख रुपये
दशकों तक सड़क से दूर रहे युवाओं और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से कई बार सड़क की मांग की लेकिन उन्हें आश्वासन ही मिले। दिसंबर 2021 में युवाओं की पहल पर विधायक मीना गंगोला ने सड़क काटने के लिए डेढ़ लाख रुपये दिए। गांव के लिए चार किमी सड़क कटनी थी लेकिन इस नाममात्र की राशि से महज 400 मीटर सड़क ही कट पाई।

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सड़क बनने के बाद लोगों के वापस लौटने की उम्मीद
थल (पिथौरागढ़)। सड़क बनने के बाद नवयुवकों को बाहरी राज्यों में गए लोगों के लौटने की उम्मीद है। युवाओं का कहना हैं कि गांव तक सड़क पहुंचाने का उद्देश्य पलायन रोकना है। वह चाहते हैं कि जो गांव छोड़ कर चले गए हैं, वे फिर गांव लौटें। सड़क निर्माण में सहयोग करने वालों में देवी चंद, हर्ष बहादुर चंद, विजय चंद, भगवान चंद, कवींद्र चंद, भूपेश चंद, संजय चंद, राकेश चंद, अभिजीत चंद, लक्ष्मण चंद, मनोज चंद, प्रदीप चंद, गोपी चंद आदि थे। संवाद
20पीटीएच05पी-थल के बरड़ गांव में श्रमदान कर सड़क बनाते युवा। संवाद
20पीटीएच06पी-थल के बरड़ गांव में श्रमदान से काटी गई सड़क। संवाद
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