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पर्यावरणीय समस्याओं पर कार्यशाला संपन्न
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 21 Dec 2015 10:32 PM IST
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गोविंद बल्लभ पंत हिमालयन पर्यावरण एवं विकास संस्थान कोसी कटारमल अल्मोड़ा की ओर से हिमालयन ग्राम विकास समिति गंगोलीहाट परिसर में पर्यावरणीय समस्याओं के संबंध में आयोजित कार्यशाला संपन्न हो गई है।
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संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परियोजना के नोडल अधिकारी डा. रणवीर रावल ने कहा कि पवित्र कैलाश भू-क्षेत्र संरक्षण विकास पहल योजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के पर्यावरणीय समस्या का अध्ययन कर विकास के लिए मॉडल तैयार करना है। कहा कि परियोजना से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग नीति निर्माण और अध्ययन के लिए किया जाएगा। उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने योजना में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और विभिन्न सरकारी निर्माण संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा। वैज्ञानिक सीजीएल नेगी ने कहा कि वन वातावरण में कार्बन का बड़े पैमाने पर अवशोषण कर ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से हमें बचाते हैं।
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डा. राजेश जोशी ने जल प्रबंधन की उपयोगिता बताते हुए स्थानीय नौलों, धारों पर बल दिया। कहा कि परियोजना के तहत क्षेत्र के जल स्रोतों का अध्ययन कर पानी कम होने के कारणों का पता लगाया जाएगा। डा. चंद्रशेखर, डा. भाष्कर जोशी, भगवान बल्लभ पंत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलवंत मेहरा ने जल स्रोतों में पानी किस कारण कम हो रहा है, इस पर विचार रखे। कार्यशाला में संस्था के लक्ष्मी दत्त भट्ट, केशर सिंह, संस्थान की शोध छात्रा ज्योति, हर्षिता बिष्ट, वन विभाग के बृजमोहन पंत, उद्यान विभाग के जीसी धारियाल, बाल विकास परियोजना की हेमा कुंवर, सहायक कृषि अधिकारी दिनेश शर्मा, मोहन सिंह विरोलिया, देव सिंह रावल समेत तमाम ग्रामीण मौजूद थे।
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