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149वर्ष पुराने जौलजीबी मेले की परंपरा कलश यात्रा निकालकर रखी बरकरार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Nov 2020 09:02 PM IST
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The tradition of Jauljibi fair retains the Kalash Yatra
जौलजीबी में 149वर्ष पुराने अंतरराष्ट्रीय मेले की परंपरा बनाए रखने के लिए कलश यात्रा निकालती महिला - फोटो : PITHORAGARH
धारचूला(पिथौरागढ़)। जौलजीबी में 149 सालों से चला आ रहा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक और व्यापारी मेला कोरोना के कारण नहीं हो रहा है। लेकिन लोगों ने ऐतिहासिक मेले की परंपरा को बनाए रखने के लिए कलश यात्रा निकालकर इस परंपरा को टूटने नहीं दिया।
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जौलजीबी में हर साल 14 नवंबर शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय मेले को कोरोना के कारण प्रशासन ने संचालन की अनुमति नहीं दी, लेकिन शनिवार को परंपरा जीवित रखने के लिए लोगों के अनुरोध के बाद एसडीएम एके शुक्ला ने कलश यात्रा की अनुमति दे दी। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता लीला बनंग्याल ने कलश यात्रा के साथ मेले का उद्घाटन सादे कार्यक्रम के साथ किया। कार्यक्रमों का उद्घाटन मुख्य अतिथि दूतिबगड़ की पूर्व ग्राम प्रधान कमला चंद और विशिष्ट अतिथि भाजपा नेता गणेश चंद ने मंदिर के मुख्य द्वार पर रिबन काटकर और मेला के मुख्य मंच पर दीप प्रज्ज्वलित कर परंपरा बनाए रखी।
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इस दौरान लीला बताया कि उनकी संस्था की ओर से जौलजीबी मेला मंच पर एक सप्ताह तक 25 महिलाओं को ब्यूटीपार्लर प्रशिक्षण निशुल्क दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में हर साल 14 नवंबर में इस मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता था। इस वर्ष मेला कोरोना बीमारी का ग्रास बन गया। मेले की परंपरा को बनाए रखने के लिए कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान नरेंद्री ओझा, अमिता दुग्ताल, मंजू देवी, कंचन दताल, आंचल दताल, आशा देवी, कंचन भट्ट शामिल रहीं।
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